Smartphone Screen Guard BIS Rule : स्मार्टफोन यूजर्स के लिए स्क्रीन गार्ड को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के लिए BIS रजिस्ट्रेशन को जरूरी कर दिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से पूरे देश में लागू होंगे। इसके बाद तय गुणवत्ता मानकों को पूरा किए बिना स्क्रीन गार्ड की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

Written by Kajal Panchal • Published on : 22 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इस फैसले का सीधा असर बाजार में बिकने वाले सस्ते और कम गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड पर पड़ सकता है। कंपनियों और निर्माताओं को अपने प्रोडक्ट्स को निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार करना होगा और जरूरी टेस्टिंग के बाद ही बाजार में उतारना होगा।
1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम
सरकार की ओर से स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के लिए नए BIS मानक तय किए गए हैं। 1 अप्रैल 2027 से इन नियमों के लागू होने के बाद स्क्रीन गार्ड बनाने वाली कंपनियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा।

बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन और तय मानकों को पूरा किए स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर रोक लग सकती है। इसका असर लोकल बाजार से लेकर ऑनलाइन बिकने वाले स्क्रीन गार्ड तक देखने को मिल सकता है।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा ?
नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों को स्क्रीन गार्ड खरीदते समय उसकी गुणवत्ता को लेकर ज्यादा भरोसा मिल सकता है। बाजार में मिलने वाले बहुत सस्ते और जल्दी टूटने वाले प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता पर भी नियंत्रण बढ़ सकता है।
इसके अलावा ग्राहकों के लिए स्क्रीन गार्ड की पैकिंग पर दी गई BIS से जुड़ी जानकारी को देखकर प्रोडक्ट की पहचान करना आसान होगा।
कंपनियों के लिए क्या बदलेगा ?
स्क्रीन गार्ड बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों की जरूरी टेस्टिंग और गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा। इसके लिए कंपनियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत BIS रजिस्ट्रेशन लेना होगा।
इसका मतलब यह है कि कंपनियां मनमाने तरीके से किसी भी गुणवत्ता का स्क्रीन प्रोटेक्टर बाजार में नहीं बेच सकेंगी।
क्या ₹50-₹100 वाले सस्ते स्क्रीन गार्ड बंद हो जाएंगे ?
नए नियम लागू होने के बाद कीमत के बजाय गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन महत्वपूर्ण होगा। अगर कोई सस्ता स्क्रीन गार्ड भी जरूरी BIS मानकों को पूरा करता है और उसके पास आवश्यक रजिस्ट्रेशन है, तो केवल कम कीमत होने की वजह से वह प्रतिबंधित नहीं होगा।

वहीं, बिना जरूरी मानकों और रजिस्ट्रेशन वाले स्क्रीन गार्ड की बिक्री पर कार्रवाई हो सकती है।
क्या स्क्रीन गार्ड महंगे हो जाएंगे ?
नए नियमों के कारण कंपनियों को टेस्टिंग, रजिस्ट्रेशन और गुणवत्ता सुधार पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। इसका असर कुछ प्रोडक्ट्स की कीमत पर पड़ सकता है।
हालांकि, स्क्रीन गार्ड की कीमत कितने प्रतिशत बढ़ेगी, यह अभी निश्चित नहीं कहा जा सकता। अलग-अलग कंपनियों और प्रोडक्ट्स के हिसाब से कीमतों में बदलाव अलग हो सकता है।
घटिया स्क्रीन गार्ड से क्या नुकसान हो सकता है ?
कम गुणवत्ता वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर से स्मार्टफोन यूजर्स को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
- स्क्रीन पर जल्दी स्क्रैच आ सकते हैं।
- गिरने या झटके की स्थिति में प्रोटेक्शन कमजोर हो सकता है।
- खराब ग्लास के कारण टच रिस्पॉन्स प्रभावित हो सकता है।
- कुछ स्मार्टफोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के इस्तेमाल में परेशानी आ सकती है।
- खराब क्वालिटी की कोटिंग के कारण स्क्रीन पर ज्यादा रिफ्लेक्शन दिखाई दे सकता है।
- कुछ गार्ड स्क्रीन की क्लैरिटी और टच अनुभव को भी प्रभावित कर सकते हैं।
स्क्रीन गार्ड के 4 बड़े प्रकार
1. 2D / 2.5D टेम्पर्ड ग्लास
यह सबसे सामान्य प्रकार का स्क्रीन प्रोटेक्टर है। इसे सामान्य स्मार्टफोन की स्क्रीन को रोजमर्रा के स्क्रैच और हल्के प्रभावों से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
2. 3D / UV कर्व्ड ग्लास
कर्व्ड डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन के लिए इस तरह के स्क्रीन गार्ड इस्तेमाल किए जाते हैं। ये फोन की स्क्रीन के किनारों को बेहतर तरीके से कवर करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।
3. मैट / प्राइवेसी ग्लास
मैट ग्लास स्क्रीन पर आने वाले रिफ्लेक्शन को कम करने में मदद करता है। वहीं प्राइवेसी ग्लास को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि स्क्रीन को साइड से देखना मुश्किल हो जाए।
4. प्लास्टिक / TPU गार्ड
प्लास्टिक और TPU गार्ड लचीले होते हैं और मुख्य रूप से स्क्रीन को स्क्रैच से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, ड्रॉप प्रोटेक्शन के मामले में इनकी क्षमता टेम्पर्ड ग्लास से अलग होती है।
5 सवाल-जवाब में समझिए नया नियम

सवाल 1: नया नियम कब लागू होगा ?
जवाब: स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
सवाल 2: ग्राहक BIS स्क्रीन गार्ड की पहचान कैसे करेंगे ?
जवाब: नियम लागू होने के बाद संबंधित स्क्रीन प्रोटेक्टर की पैकिंग पर जरूरी BIS मार्क और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। ग्राहक उपलब्ध जानकारी को BIS की आधिकारिक व्यवस्था के जरिए सत्यापित कर सकेंगे।
सवाल 3: क्या बिना ब्रांड वाले स्क्रीन गार्ड बिकना बंद हो जाएंगे ?
जवाब: केवल बिना ब्रांड होने की वजह से किसी प्रोडक्ट पर रोक नहीं होगी। लेकिन नियम लागू होने के बाद संबंधित स्क्रीन प्रोटेक्टर को निर्धारित गुणवत्ता मानकों और जरूरी रजिस्ट्रेशन की शर्तें पूरी करनी होंगी।
सवाल 4: क्या स्क्रीन गार्ड की कीमत बढ़ेगी ?
जवाब: कंपनियों पर टेस्टिंग और गुणवत्ता से जुड़ी अतिरिक्त लागत आ सकती है। इसलिए कुछ प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ने की संभावना है, लेकिन कितनी बढ़ोतरी होगी, यह अभी तय नहीं है।
सवाल 5: नियमों का पालन नहीं करने पर क्या होगा ?
जवाब: तय नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं, आयातकों या विक्रेताओं के खिलाफ लागू कानून और BIS नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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