FASTag OneTag Service : अब FASTag यूजर्स के लिए बैंक बदलना पहले के मुकाबले आसान होने जा रहा है। नए सिस्टम के तहत वाहन की विंडशील्ड पर लगा FASTag स्टिकर बदले बिना ही उसे दूसरे बैंक से लिंक किया जा सकेगा। यानी FASTag को मोबाइल SIM की तरह एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने की सुविधा मिलेगी।

Written by Kajal Panchal • Published on : 11 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : OneTag नाम की इस नई सर्विस को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान लॉन्च किया। इस सुविधा का उद्देश्य FASTag पोर्टेबिलिटी को आसान बनाना और बार-बार नए फिजिकल टैग जारी करने की जरूरत को कम करना है।
क्या है OneTag की नई सुविधा ?
अभी अगर FASTag यूजर अपना बैंक बदलना चाहता है, तो उसे पुराने FASTag अकाउंट को बंद कराने के बाद नए बैंक में दोबारा ऑनबोर्डिंग करनी पड़ती है। कई मामलों में नया FASTag स्टिकर भी लेना पड़ता है।

अब OneTag के जरिए यही प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की जा सकेगी। यूजर अपने मौजूदा FASTag को बिना बदले दूसरे बैंक से जोड़ सकेगा।
पुरानी व्यवस्था

- बैंक बदलने पर पुराने FASTag अकाउंट को बंद करना पड़ता था।
- नए बैंक के साथ दोबारा FASTag प्रक्रिया पूरी करनी होती थी।
- कई मामलों में नया फिजिकल टैग लेना पड़ता था।
- इससे समय और री-इश्यू का खर्च बढ़ता था।
नई व्यवस्था
- मौजूदा FASTag स्टिकर को बदले बिना बैंक बदला जा सकेगा।
- नया फिजिकल टैग लेने की जरूरत नहीं होगी।
- बैंक स्विच करने की प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी होगी।
- FASTag की पोर्टेबिलिटी मोबाइल SIM जैसी होगी।
FASTag से टोल कटने के तरीके में नहीं होगा बदलाव
OneTag की शुरुआत के बाद टोल प्लाजा पर वाहन चालकों की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी। वाहन को टोल प्लाजा पर रोककर कोई अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी।

FASTag स्टिकर को टोल प्लाजा पर लगे सिस्टम द्वारा स्कैन किया जाएगा और निर्धारित टोल राशि FASTag से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी।
बैकएंड में बैंक बदलने की प्रक्रिया को National Electronic Toll Collection (NETC) सिस्टम के जरिए मैनेज किया जाएगा। बैंक बदलने के बाद नए बैंक की जानकारी सिस्टम में अपडेट हो जाएगी।
एप से कैसे बदल सकेंगे FASTag बैंक ?
FASTag में बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए OneTag सर्विस में चरणबद्ध प्रक्रिया बताई गई है।
स्टेप 1: OneTag या संबंधित राजमार्ग यात्रा ऐप डाउनलोड करके लॉग-इन करें।
स्टेप 2: OneTag सेक्शन में जाकर एलिजिबिलिटी और सुरक्षा जांच पूरी करें।
स्टेप 3: वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद अपनी सहमति दें।
स्टेप 4: उपलब्ध लिस्ट में से नया बैंक चुनें।
स्टेप 5: पुराने बैंक का रिफंड सेटलमेंट प्रोसेस पूरा होने दें।
स्टेप 6: पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी होने के बाद FASTag नए बैंक से जुड़ जाएगा।
प्लास्टिक कचरा और री-इश्यू का खर्च होगा कम
FASTag बैंक बदलने के लिए बार-बार नए फिजिकल स्टिकर जारी करने की जरूरत कम होने से सरकार को प्लास्टिक और अन्य संसाधनों की बचत की उम्मीद है।
इसके अलावा नए FASTag की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, डिस्पैच और री-इश्यू से जुड़ा खर्च भी कम हो सकता है।
क्या होता है RFID ?

RFID यानी Radio Frequency Identification एक वायरलेस तकनीक है। FASTag में लगी चिप को रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए पढ़ा जाता है। इसी तकनीक की मदद से टोल प्लाजा पर वाहन की पहचान होती है और टोल राशि इलेक्ट्रॉनिक तरीके से काटी जाती है।
क्या है NETC ?

NETC यानी National Electronic Toll Collection एक इंटरऑपरेबल डिजिटल टोल कलेक्शन प्लेटफॉर्म है, जिसे NPCI ने विकसित किया है। यह FASTag से जुड़े बैंकों, टोल प्लाजा और वाहन मालिकों के बीच इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान की व्यवस्था को सपोर्ट करता है।
FASTag में बैंक बदलने की जरूरत क्यों पड़ती है ?
कई वाहन मालिक बैंक की बेहतर सर्विस, आसान रिचार्ज, कस्टमर सपोर्ट या दूसरे बैंक की सुविधाओं के कारण FASTag से जुड़ा बैंक बदलना चाहते हैं। पहले इसके लिए नया टैग लेना पड़ सकता था, लेकिन OneTag के जरिए मौजूदा FASTag को ही पोर्ट करने की सुविधा मिलने से यह प्रक्रिया आसान हो सकती है।
यानी अब FASTag का स्टिकर वही रहेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर बैंक बदला जा सकेगा।
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