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New Caller ID Rules 2026 : 1 नवंबर से फोन पर कॉल आने पर दिखेगा कॉलर का नाम, 4G-5G यूजर्स के लिए नया नियम लागू, जानिए कैसे करेगा काम

New Caller ID Rules 2026 : 1 नवंबर 2026 से मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम दिखाने वाली कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सर्विस शुरू करने की तैयारी है। दूरसंचार विभाग (DoT) के निर्देशों के मुताबिक, इस सुविधा का उद्देश्य अनजान कॉल करने वालों की पहचान आसान बनाना और फर्जी कॉल, स्पैम तथा साइबर फ्रॉड जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद करना है। इस सर्विस के लिए यूजर्स को अलग से एक्टिवेशन कराने की जरूरत नहीं होगी।

New Caller ID Rules 2026
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Written by Kajal Panchal • Published on : 15 October 2026

IBN24 NEWS NETWORK : कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी CNAP एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए इनकमिंग कॉल के दौरान फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाई दे सकता है। यदि कॉल करने वाले का नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है, तो आपके फोन में सेव नाम दिखाई देगा। वहीं, नंबर सेव नहीं होने पर टेलिकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाने की व्यवस्था होगी। इससे यूजर्स को अनजान नंबर से आने वाली कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह सुविधा हर तरह की फर्जी कॉल या साइबर ठगी को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देती।

1 नवंबर से 4G और 5G नेटवर्क पर लागू होगा नियम

दूरसंचार विभाग के निर्देशों के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 4G और 5G मोबाइल नेटवर्क पर CNAP सुविधा लागू करने की योजना है। इस व्यवस्था में टेलिकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों के मोबाइल नंबर और संबंधित नाम के रिकॉर्ड का इस्तेमाल करेंगी।

New Caller ID Rules 2026
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कॉल आने पर संबंधित नेटवर्क से नाम की जानकारी प्राप्त करके उसे रिसीवर की स्क्रीन पर दिखाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य कॉलर की पहचान के लिए थर्ड-पार्टी एप्स पर निर्भरता कम करना भी है।

इंटरनेशनल कॉल आने पर क्या दिखेगा ?

यदि किसी दूसरे देश से इंटरनेशनल कॉल आती है, तो स्क्रीन पर सामान्य नाम के बजाय ‘International Call’ लिखा दिखाई दे सकता है। इससे यूजर्स को घरेलू कॉल और अंतरराष्ट्रीय कॉल के बीच अंतर समझने में मदद मिलेगी।

New Caller ID Rules 2026
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हालांकि, केवल स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नाम या लेबल के आधार पर किसी कॉल को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानना चाहिए।

क्या प्राइवेसी पर पड़ेगा असर ?

CNAP सुविधा में कॉलर की पहचान से जुड़ी जानकारी टेलिकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड के आधार पर दिखाई जाएगी। इसके अलावा, जिन ग्राहकों ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) जैसी नाम या नंबर छिपाने वाली सुविधा ली है, उनके लिए लागू नियमों के अनुसार जानकारी प्रदर्शित नहीं की जा सकती है।

यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी किस तरह इस्तेमाल होगी और उसे कितनी देर तक प्रोसेस किया जाएगा, यह संबंधित तकनीकी व्यवस्था और लागू गोपनीयता नियमों पर निर्भर करेगा।

बिजनेस और कंपनियों को मिलेगा ब्रांड नेम दिखाने का विकल्प

बिजनेस, कंपनियों और बल्क कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। पात्र कारोबारी ग्राहक निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने रजिस्टर्ड बिजनेस नेम या ट्रेडमार्क को कॉलिंग पहचान के रूप में प्रदर्शित कराने का विकल्प पा सकते हैं।

इसके लिए संबंधित टेलिकॉम ऑपरेटर को GST रिकॉर्ड, ट्रेडमार्क या अन्य जरूरी दस्तावेज देकर नाम का सत्यापन कराना पड़ सकता है। इससे ग्राहकों को कंपनी या कारोबारी संस्थान की पहचान करने में आसानी होगी।

2G, 3G और लैंडलाइन यूजर्स पर क्या होगा असर ?

फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्था 4G और 5G मोबाइल नेटवर्क पर केंद्रित है। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे लागू करने के संबंध में अलग व्यवस्था या आगे के निर्णय की जरूरत हो सकती है। इसलिए इन नेटवर्क के सभी यूजर्स के लिए एक जैसी सुविधा उपलब्ध होने की बात फिलहाल नहीं मानी जानी चाहिए।

CNAP लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी ?

अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम कॉल, फर्जी पहचान के जरिए ठगी और साइबर अपराध की शिकायतों के बीच कॉलर की पहचान बताने वाली व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CNAP के जरिए कॉल करने वाले की पहचान से संबंधित जानकारी सीधे टेलिकॉम नेटवर्क से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

New Caller ID Rules 2026
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हालांकि, किसी व्यक्ति के नाम का स्क्रीन पर दिखाई देना उसकी पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। इसलिए बैंकिंग, OTP, UPI या अन्य वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी किसी अनजान कॉलर के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

मोबाइल यूजर्स अभी क्या करें ?

मोबाइल यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने सिम कार्ड की KYC जानकारी जांच लें। यदि सिम किसी परिजन या पुराने नाम पर रजिस्टर्ड है, तो जरूरत पड़ने पर संबंधित टेलिकॉम ऑपरेटर से संपर्क करके जानकारी अपडेट कराने की प्रक्रिया पूछें।

वहीं, बिजनेस कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपने रजिस्टर्ड नाम और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पहले से तैयार रखनी चाहिए। इससे CNAP सुविधा के तहत सही नाम प्रदर्शित कराने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।

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