Haryana Roadways Strike : हरियाणा में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रोडवेज कर्मचारियों ने 5 और 6 नवंबर को पूरे प्रदेश में दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। ऐसे में गुरुवार और शुक्रवार को बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। खास बात यह है कि 5 नवंबर को करनाल और अंबाला में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा भी प्रस्तावित है। इससे पहले ही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 4 November 2026
IBN24 NEWS NETWORK : हालांकि, हड़ताल को टालने के लिए बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारी यूनियनों के बीच बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में परिवहन विभाग के सेक्रेटरी अतुल द्विवेदी और डायरेक्टर जनरल निखिल गजराज भी शामिल हैं। ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक खोखर के अनुसार, बैठक में 10 से अधिक यूनियन शामिल हुई हैं। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं, बैठक में बातचीत का क्या नतीजा निकलता है, इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
10 साल से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारी
रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। इनमें 2016 में भर्ती हुए चालकों को पक्का करना, बकाया दिवाली बोनस देना और कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी जैसी मांगें शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार और विभाग को उनकी लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारियों ने खाली पदों पर नियमित भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने की भी मांग उठाई है।
रोडवेज कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगें

- निजी बसों पर रोक लगे: रोडवेज में निजी बसों को परमिट न दिए जाएं और किलोमीटर स्कीम बंद की जाए।
- वेतन बढ़ाया जाए: ड्राइवर और कंडक्टर का वेतन बढ़ाया जाए। कंडक्टरों को क्लर्कों के समान तीन वेतन वृद्धि का लाभ मिले।
- 2016 के चालक पक्के हों: वर्ष 2016 में भर्ती हुए चालकों को नियमित किया जाए।
- 11 साल का बोनस मिले: कर्मचारियों को वर्ष 2016 से बकाया दिवाली बोनस दिया जाए।
- 33 छुट्टियां बहाल हों: कर्मचारियों की पहले की तरह साल में 33 अर्जित छुट्टियां बहाल की जाएं।
- ओवरटाइम का पैसा मिले: 8 घंटे से ज्यादा काम करने पर कर्मचारियों को ओवरटाइम का भुगतान किया जाए।
- भत्ते दिए जाएं: कर्मचारियों को जोखिम भत्ता, रात्रि ड्यूटी भत्ता और वर्दी की धुलाई का भत्ता दिया जाए।
- खाली पदों पर भर्ती हो: ड्राइवर, कंडक्टर और वर्कशॉप के खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
- पदोन्नति दी जाए: वर्ष 2008 में भर्ती हुए कंडक्टरों को प्रमोशन दिया जाए। रोडवेज में इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के खाली पद भी भरे जाएं।
- बकाया पैसा मिले: कर्मचारियों का लंबित महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता (TA) और मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाए।
3 नवंबर को भी बैठक के लिए बुलाया गया था
ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रधान अशोक खोखर ने बताया कि विभाग की ओर से यूनियन प्रतिनिधियों को 3 नवंबर को भी बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन उस बैठक में यूनियन के प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए।

इसके बाद परिवहन विभाग के डीजी की ओर से 3 नवंबर को साझा मोर्चा में शामिल सभी यूनियनों को दोबारा पत्र भेजा गया। पत्र में बताया गया कि परिवहन मंत्री की मंजूरी के बाद पिछली बैठक का ब्योरा जारी किया जा चुका है। वहीं, सभी यूनियनों के दो-दो प्रतिनिधियों को 4 नवंबर को सुबह 11 बजे वार्ता के लिए बुलाया गया है। बैठक में मांगों पर चर्चा के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों को करना पड़ सकता है परेशानी का सामना
रोडवेज कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते प्रदेश में बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। खासकर नौकरी, पढ़ाई और जरूरी कामों के लिए रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

फिलहाल सभी की नजर 4 नवंबर को होने वाली बैठक के नतीजे पर है। यदि सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच सहमति बन जाती है तो हड़ताल टल सकती है। अन्यथा 5 और 6 नवंबर को प्रदेश के यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib




