ChatGPT Safety Features : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म ChatGPT का इस्तेमाल करने वाले किशोरों की सुरक्षा को लेकर OpenAI ने नए कदम उठाने का ऐलान किया है। कंपनी अब हथियारों, हिंसा और सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को लेकर सख्त नियम लागू करने जा रही है। इसके अलावा, यदि कोई किशोर बार-बार हिंसक बातचीत में शामिल होता है, तो उसके माता-पिता को भी इसकी सूचना दी जा सकती है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 31 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : OpenAI के मुताबिक, नए सुरक्षा उपायों का उद्देश्य किशोरों को ऑनलाइन खतरों और हिंसक गतिविधियों से बचाना है। वहीं, लगातार हिंसा से जुड़ी बातचीत करने वाले यूजर्स के चैट सेशन को बंद करने और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर अकाउंट अस्थायी रूप से सस्पेंड करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों से जुड़ी जानकारी पर सख्ती
OpenAI ने किशोर यूजर्स के लिए हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियों को लेकर प्रतिबंध सख्त करने का फैसला किया है। अब ऐसे सवालों के जवाब नहीं दिए जाएंगे, जिनसे हथियारों के इस्तेमाल या सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मिल सकती है।
खास बात यह है कि सवाल सामान्य भाषा में पूछा गया हो और उसमें हिंसक इरादे का स्पष्ट संकेत न भी मिले, तब भी सिस्टम उसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर जवाब देने से रोक सकता है।
हिंसक बातचीत करने पर अपने-आप बंद होगी चैट
OpenAI के नए सुरक्षा नियमों के तहत ChatGPT हिंसा और किसी दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी बातचीत पर भी नजर रखेगा। यदि कोई यूजर लगातार हिंसक गतिविधियों या किसी को नुकसान पहुंचाने से संबंधित बातचीत करता है, तो ChatGPT उस चैट सेशन को अपने-आप बंद कर सकता है।

इसके अलावा, यदि कोई यूजर बार-बार ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका अकाउंट अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
इतिहास के बड़े हमलों की जानकारी पर भी प्रतिबंध
OpenAI ने पुराने सामूहिक हमलों और जनसंहारों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को लेकर भी अपने नियम सख्त किए हैं। अब ऐसे हमलों के बारे में विस्तृत जानकारी देने पर सीमाएं लगाई गई हैं, जिनका इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।
इसमें हमलों में इस्तेमाल किए गए हथियारों के प्रकार, उन्हें हासिल करने के तरीके और उनसे जुड़ी व्यावहारिक जानकारियां शामिल हैं। हालांकि, इसका उद्देश्य इतिहास और सामान्य जानकारी को पूरी तरह रोकना नहीं, बल्कि ऐसी संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच सीमित करना है, जिनका गलत इस्तेमाल हो सकता है।
पैरेंट्स को मिलेगा अलर्ट, किशोरों के अकाउंट पर रहेगी नजर
OpenAI किशोरों की सुरक्षा के लिए पैरेंटल अलर्ट सिस्टम को भी मजबूत कर रही है। यदि किसी किशोर का अकाउंट बार-बार हिंसक चर्चाओं में शामिल पाया जाता है, तो उसके माता-पिता को इसकी सूचना दी जा सकती है। कंपनी का उद्देश्य माता-पिता को समय रहते जानकारी देना है, ताकि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठा सकें।

इसके साथ ही, 18 साल से कम उम्र के यूजर्स की पहचान के लिए एज प्रेडिक्शन सिस्टम को भी मजबूत किया गया है। यदि सिस्टम को अनुमान होता है कि कोई यूजर 18 साल से कम उम्र का है, तो उसे अपने-आप टीन एक्सपीरियंस मोड में शिफ्ट किया जा सकता है।
अगले कुछ हफ्तों में लागू होंगे नए फीचर्स
OpenAI ने बताया कि नए सेफ्टी फीचर्स को अगले कुछ हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किया जाएगा। कंपनी इन सुरक्षा उपायों के प्रभाव का लगातार आकलन करेगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार नियमों और सुविधाओं में बदलाव भी किए जा सकते हैं।
इस कदम से ChatGPT के इस्तेमाल के दौरान किशोरों को अधिक सुरक्षित डिजिटल माहौल देने की कोशिश की जा रही है।
रोजाना 15 मिनट से भी कम ChatGPT इस्तेमाल करते हैं किशोर
OpenAI ने इसी महीने किशोरों द्वारा ChatGPT के इस्तेमाल को लेकर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के अनुसार, किशोर यूजर्स औसतन रोजाना 15 मिनट से भी कम समय ChatGPT पर बिताते हैं।

हालांकि, कंपनी का मानना है कि इस्तेमाल का समय कम होने के बावजूद युवाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए AI प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा के मानकों को लगातार बेहतर बनाना जरूरी है।
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