Binance Hack : दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance में बड़ी साइबर सेंधमारी का मामला सामने आया है। इस घटना को क्रिप्टो इंडस्ट्री के इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग में से एक माना जा रहा है। शुरुआती जांच के बाद Binance ने बताया है कि इस सुरक्षा घटना का कुल प्रभाव करीब 6.3 बिलियन डॉलर यानी लगभग 55,000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। हालांकि, चोरी हुई रकम और प्रभावित एसेट्स का अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Written by Kajal Panchal • Published on : 30 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : घटना के बाद Binance ने एहतियात के तौर पर डिपॉजिट और विड्रॉल यानी पैसे जमा करने और निकालने की सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी है। वहीं, कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि यूजर्स के फंड सुरक्षित हैं और किसी भी नुकसान की भरपाई SAFU फंड तथा कंपनी के अपने पैसों से की जाएगी। इस साइबर हमले का असर दुनियाभर के क्रिप्टो मार्केट पर भी देखने को मिला है। बिटकॉइन, एथेरियम समेत कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
6.3 बिलियन डॉलर तक पहुंचा नुकसान, क्या है पूरा मामला ?
क्रिप्टो एनालिटिक्स फर्म्स के मुताबिक, Binance से जुड़े डिजिटल वॉलेट्स से अरबों डॉलर के क्रिप्टो एसेट्स निकाले गए हैं। Chainalysis ने शुरुआती अनुमान में करीब 5.912 बिलियन डॉलर की चोरी की पुष्टि की है। वहीं, Binance ने अपनी आधिकारिक जानकारी में कुल प्रभावित एसेट्स का अनुमान करीब 6.3 बिलियन डॉलर बताया है।

कंपनी के मुताबिक, अब तक लगभग 3 बिलियन डॉलर के प्रभावित डिजिटल एसेट्स को फ्रीज करने में सफलता मिली है। इसके लिए अलग-अलग ब्लॉकचेन कंपनियों और क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की मदद ली गई है।
इंजीनियर के लैपटॉप से हुई सेंधमारी की आशंका
Binance की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह साइबर हमला कंपनी के एक DevOps इंजीनियर के लैपटॉप से जुड़ा हो सकता है। आशंका है कि हैकर ने इंजीनियर के लैपटॉप तक पहुंच बनाकर कंपनी के एक सर्विस कंटेनर में घुसपैठ की।

इसके बाद हैकर ने सिस्टम के जरिए अनधिकृत विड्रॉल ट्रांजैक्शन सबमिट किए और डिजिटल एसेट्स दूसरे वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, Binance ने साफ किया है कि अभी तक किसी भी वॉलेट की प्राइवेट की लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं। कंपनी की सुरक्षा टीमें इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
Binance ने उठाए ये बड़े कदम
साइबर हमले की जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

- सुरक्षा जांच पूरी होने तक डिपॉजिट और विड्रॉल की सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई।
- प्रभावित एड्रेस की ऑथराइजेशन को रद्द कर दिया गया।
- ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर जांच शुरू की गई।
- प्रभावित डिजिटल एसेट्स को फ्रीज कराने के लिए दूसरे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की मदद ली गई।
- कंपनी ने यूजर्स को होने वाले नुकसान की पूरी भरपाई करने का भरोसा दिया है।
Tether और Circle ने भी फ्रीज किए अरबों डॉलर

इस मामले में Tether और Circle जैसी बड़ी स्टेबलकॉइन कंपनियों ने भी कार्रवाई की है। Binance के मुताबिक, लगभग 3 बिलियन डॉलर के प्रभावित एसेट्स फ्रीज किए जा चुके हैं। Tether और Circle ने भी संदिग्ध वॉलेट्स से जुड़े डिजिटल एसेट्स को ब्लॉक किया है। इससे हैकर्स के लिए इन पैसों को आगे ट्रांसफर करना या भुनाना मुश्किल हो गया है।
इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो हैकिंग बन सकती है Binance की घटना
अगर शुरुआती अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री की अब तक की सबसे बड़ी हैकिंग होगी।
इससे पहले फरवरी 2025 में दुबई स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज Bybit पर बड़ा साइबर हमला हुआ था। उस घटना में करीब 1.5 बिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई थी। अब Binance में हुए हमले का अनुमानित नुकसान उससे कई गुना ज्यादा बताया जा रहा है।
क्रिप्टो मार्केट पर क्या पड़ा असर ?
Binance में सेंधमारी की खबर सामने आते ही क्रिप्टो मार्केट में दबाव देखने को मिला। बिटकॉइन की कीमत में करीब 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एथेरियम और अन्य प्रमुख डिजिटल करेंसी भी नीचे आईं।

क्रिप्टो बाजार में इस घटना के बाद निवेशकों के बीच डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव का अंतिम प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
Binance के पूर्व CEO CZ ने क्या कहा ?
Binance के पूर्व CEO चांगपेंग झाओ (CZ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना को हैकिंग जैसा मामला बताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूजर्स के फंड पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे।
बता दें कि CZ अब Binance का दैनिक प्रबंधन नहीं संभालते, लेकिन कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है।
क्या होता है एसेट फ्रीजिंग ?
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एसेट फ्रीजिंग का मतलब किसी डिजिटल वॉलेट में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी के ट्रांसफर पर रोक लगाना है।
जब किसी हैकर के वॉलेट में चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी पहुंचती है, तो Tether और Circle जैसी कुछ कंपनियां संबंधित ब्लॉकचेन एड्रेस को ब्लैकलिस्ट कर सकती हैं। इसके बाद उस एड्रेस से संबंधित स्टेबलकॉइन को आगे ट्रांसफर या इस्तेमाल करना संभव नहीं रहता। हालांकि, हर क्रिप्टोकरेंसी को इस तरह फ्रीज नहीं किया जा सकता। यह संबंधित डिजिटल एसेट और ब्लॉकचेन की तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करता है।
यूजर्स को Binance ने क्या सलाह दी?
Binance ने यूजर्स को केवल कंपनी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट पर जारी अपडेट्स पर भरोसा करने की सलाह दी है। साथ ही किसी भी अनजान लिंक, मैसेज या अकाउंट डिटेल मांगने वाले व्यक्ति से सावधान रहने को कहा है।

कंपनी के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट जारी की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्रभावित डिजिटल एसेट्स का पता लगाने पर काम जारी है।
Please also read this article :
नक्शे देखें
Instagram: https://www.instagram.com/ib





