Airline Ticket Prices : हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। सरकार एयरलाइंस के किराए को सीधे कंट्रोल नहीं करेगी। एयरलाइंस मांग और सीटों की उपलब्धता के आधार पर टिकटों के दाम तय कर सकेंगी। हालांकि, इमरजेंसी में सरकार किराया तय कर सकेगी। इस कदम का मकसद यात्रियों को महंगे टिकटों से राहत देना है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 20 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : नए नियमों के तहत एयरलाइंस को किराए की जानकारी एक महीने पहले DGCA को देनी होगी। उन्हें अपनी वेबसाइट पर भी यह जानकारी दिखानी होगी। इससे यात्रियों को टिकटों के दाम पहले जानने में मदद मिलेगी।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) किराए पर नजर रखेगा। वह यह भी देखेगा कि एयरलाइंस तय सीमा से ज्यादा पैसा तो नहीं वसूल रही हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार इमरजेंसी में किराए पर हस्तक्षेप कर सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने क्या कहा था ?

सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण ने इस मामले में याचिका दायर की थी। उन्होंने त्योहारों और छुट्टियों में महंगे टिकटों पर रोक लगाने की मांग की। याचिका में छिपे हुए शुल्कों का मुद्दा भी उठाया गया है।
अब सरकार ने साफ किया है कि वह सामान्य परिस्थितियों में किराए को सीधे कंट्रोल नहीं करेगी। इसके बजाय, सरकार निगरानी और पारदर्शिता पर जोर देगी।
त्योहारों में दोगुने तक बढ़े हवाई किराए
त्योहारी सीजन में कई रूटों पर हवाई टिकट महंगे हो गए हैं। पिछले साल के मुकाबले कुछ मार्गों पर किराया दोगुने से भी ज्यादा पहुंच गया। हवाई ईंधन की बढ़ती कीमतें इसका एक प्रमुख कारण हैं। उड़ानों में सीमित सीटें भी किराए में बढ़ोतरी की वजह बन रही हैं।

विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी इस चुनौती का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि ATF महंगा होने से किराए को नियंत्रित रखना मुश्किल हो रहा है। सरकार इस मुद्दे पर एयरलाइंस और तेल कंपनियों से बातचीत कर रही है।
इन रूटों पर सबसे ज्यादा बढ़े टिकटों के दाम
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कई प्रमुख रूटों पर किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है।

- मुंबई-वाराणसी: किराया 7,500 रुपये से बढ़कर 15,926 रुपये हो गया। इसमें 112.3% की वृद्धि हुई।
- बेंगलुरु-वाराणसी: किराया 8,500 रुपये से बढ़कर 17,698 रुपये पहुंच गया। इसमें 108.2% की बढ़ोतरी हुई।
- बेंगलुरु-पटना: किराया 13,000 रुपये से बढ़कर 26,053 रुपये हो गया। यह 100.4% की वृद्धि है।
- हैदराबाद-पटना: किराया 9,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये पहुंच गया। इसमें 144.4% की बढ़ोतरी हुई।
- बेंगलुरु-दिल्ली: किराया 9,264 रुपये से बढ़कर 16,469 रुपये हो गया। इसमें 77.8% की वृद्धि हुई।
टिकटों की वास्तविक कीमत बुकिंग के समय और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। इसलिए अलग-अलग तारीखों पर किराए में अंतर हो सकता है।
एअर इंडिया और इंडिगो ने भी बढ़ाए किराए
जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एअर इंडिया और इंडिगो ने भी अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया था।

एअर इंडिया ने 9 अक्टूबर से घरेलू उड़ानों पर 1,200 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह शुल्क 17,800 रुपये तक रखा गया। एअर इंडिया एक्सप्रेस पर भी ये शुल्क लागू हुए।
वहीं, इंडिगो ने 6 अक्टूबर 2026 से किराया बढ़ाया। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) एयरलाइंस के सबसे बड़े खर्चों में शामिल है। कुल परिचालन खर्च में इसकी हिस्सेदारी करीब 30 से 40 प्रतिशत तक होती है।
यात्रियों को नए नियमों से क्या फायदा होगा ?
नए नियमों से यात्रियों को किराए की जानकारी पहले मिल सकेगी। DGCA की निगरानी से कीमतों में पारदर्शिता बढ़ सकती है। इमरजेंसी में सरकार के हस्तक्षेप से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, सामान्य दिनों में एयरलाइंस मांग के अनुसार किराया तय करती रहेंगी। ऐसे में यात्रियों को त्योहारों के दौरान टिकट जल्दी बुक करने चाहिए। अलग-अलग एयरलाइंस के किराए की तुलना करना भी फायदेमंद रहेगा।
अब सभी की नजर नए नियमों के लागू होने पर है। इससे यह साफ होगा कि सरकार की नई व्यवस्था यात्रियों को महंगे हवाई टिकटों से कितनी राहत देती है।
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