NEET PG 2026 : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2026 परीक्षा को लेकर कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और अभ्यर्थियों के लिए सुविधाजनक बनाना है। पिछले वर्षों में परीक्षा प्रबंधन और पेपर लीक जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 3 August 2026
IBN24 News Network : इस वर्ष NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित होगी। परीक्षा के लिए देशभर से 2.73 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.5 प्रतिशत अधिक हैं। परीक्षा देश के 340 शहरों में बनाए गए लगभग 1300 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
पहली बार पूरे देश में एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा

इस बार NEET PG परीक्षा पूरे देश में केवल एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पिछले वर्षों में अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने के कारण प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर को लेकर विवाद सामने आए थे। अब एक ही शिफ्ट में परीक्षा होने से सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
घर के नजदीक परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र चुनने के लिए पहले से अधिक विकल्प दिए गए हैं। उम्मीदवार अपने नजदीकी तीन राज्यों में परीक्षा केंद्र का चयन कर सकेंगे। पहला विकल्प होम स्टेट होगा, जबकि अन्य विकल्प उसी राज्य या आसपास के राज्यों के शहरों में उपलब्ध होंगे।
परीक्षा केंद्रों का आवंटन पूरी तरह कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन सिस्टम से किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप, पक्षपात या पसंदीदा सेंटर दिलाने जैसी संभावनाओं पर रोक लगेगी।
परीक्षा केंद्र की जानकारी तीन सप्ताह पहले मिलेगी

इस बार उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र की जानकारी परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे दूर-दराज के अभ्यर्थियों को यात्रा, होटल और अन्य व्यवस्थाएं समय रहते करने में सुविधा होगी।
आधार आधारित सत्यापन और आईरिस स्कैन से होगी एंट्री
परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए आधार आधारित वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। आवेदन के समय और परीक्षा वाले दिन दोनों अवसरों पर पहचान की जांच होगी।
परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है, तो उसकी आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन कर पहचान की जाएगी। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 से 3 घंटे पहले केंद्र पहुंचना होगा।
पेपर लीक रोकने के लिए 7.5 करोड़ रुपये का सुरक्षा टेंडर

NEET UG 2026 पेपर लीक की घटनाओं के बाद NTA ने परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत NTA मुख्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
टेंडर 25 जुलाई को जारी किया गया है, जबकि 17 अगस्त को तकनीकी और वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी। चयनित एजेंसी अगले दो वर्षों तक सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी।
60 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मी, CCTV और सिग्नल जैमर
देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 60 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सभी केंद्रों पर हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
इसके अलावा परीक्षा के दौरान मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार को रोकने के लिए सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे। स्वतंत्र पर्यवेक्षक भी प्रत्येक केंद्र पर परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी बदलाव
इस बार परीक्षा में कुल 180 प्रश्न होंगे और कुल अंक 720 होंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक मिलेंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा। जिन प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया जाएगा, उनके लिए कोई अंक नहीं मिलेगा।

परीक्षा की कुल अवधि 210 मिनट यानी 3 घंटे 30 मिनट होगी। प्रश्नपत्र को सेक्शन A, B और C में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्शन के लिए निर्धारित समय होगा। एक बार किसी सेक्शन का समय समाप्त होने या उसे सबमिट करने के बाद उम्मीदवार उस सेक्शन में वापस नहीं जा सकेंगे।
तकनीकी खराबी होने पर तुरंत मिलेगा बैकअप
यदि किसी परीक्षा केंद्र पर सर्वर, बिजली या नेटवर्क से जुड़ी कोई तकनीकी समस्या आती है, तो NTA तत्काल बैकअप सिस्टम सक्रिय करेगा, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के पूरी कराई जा सके।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड जारी होने के बाद परीक्षा केंद्र की जानकारी तुरंत जांच लें। आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। परीक्षा वाले दिन निर्धारित समय से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचें ताकि बायोमेट्रिक और सुरक्षा जांच समय पर पूरी हो सके।
साथ ही उम्मीदवारों को नए सेक्शन आधारित परीक्षा पैटर्न की पहले से प्रैक्टिस करने की सलाह दी गई है, क्योंकि एक बार किसी सेक्शन का समय समाप्त होने के बाद उस पर वापस लौटने का विकल्प नहीं मिलेगा।
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