Sonam Wangchuk Ends 27-Day Hunger Strike : NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह पहुंचे, जहां नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 24 July 2026
IBN24 News Network : शुक्रवार सुबह जारी अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। उनकी तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया।
सरकार ने किन मांगों पर सहमति दी ?
सरकार ने इन मांगों पर दी सहमति
आंदोलन जारी रखने के लिए वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर केस दर्ज नहीं होंगे।
पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा होगी।
छात्र आत्महत्या मामलों के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने पर सहमति।
65 सांसदों ने संसद में मुद्दा उठाने का भरोसा दिया।

हालांकि उन्होंने साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे अहम मुद्दा छात्रों पर कार्रवाई रुकवाना था। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी भूख हड़ताल खत्म करने की अनिवार्य शर्त नहीं था।
दो दिन चली बातचीत के बाद बनी सहमति
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार के साथ लगातार दो दिनों तक बातचीत हुई। लिखित आश्वासन मिलने तक उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। आखिरकार सहमति बनने के बाद उन्होंने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के लिए अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि उनके सामने दो विकल्प थे—या तो अनशन जारी रखकर अपनी जान जोखिम में डालते या फिर स्वस्थ रहकर छात्रों की लड़ाई आगे भी जारी रखते। हजारों लोगों की अपील और आंदोलन के भविष्य को देखते हुए उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।
65 सांसदों ने दिया समर्थन
वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद उनसे मिले या संदेश भेजकर भरोसा दिलाया कि वे संसद में NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे।

22 जुलाई को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, CPI(M), आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सांसद मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। सांसदों ने संयुक्त पत्र सौंपकर वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की और संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया।
CJP ने कहा- आंदोलन जारी रहेगा
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुशी जताई, लेकिन साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
पीएम मोदी ने स्वास्थ्य लाभ की कामना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द अपना पुराना स्वास्थ्य प्राप्त करें।
28 जून को शुरू किया था अनशन

सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करना और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना शामिल था।
CBI कर रही है जांच
पूरा मामला 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक से जुड़ा है। मामले की जांच CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में कार्रवाई की जा चुकी है और कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
सोनम वांगचुक ने साफ किया कि भूख हड़ताल भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन छात्रों के हितों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की लड़ाई जारी रहेगी। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने लिखित आश्वासनों को कितनी जल्दी और किस तरह लागू करती है।
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