CJP vs Government Second Meeting Underway : NEET पेपर लीक विवाद को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरी दौर की बातचीत जारी है। बैठक से ठीक पहले प्रशासन ने आखिरी वक्त पर बैठक का स्थान बदल दिया। पहले यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 24 July 2026
IBN24 News Network : इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई पहली बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। बैठक से पहले सरकार ने दावा किया था कि उसने CJP को बातचीत के लिए चार बार बुलाया, लेकिन संगठन शामिल नहीं हुआ। वहीं CJP का कहना था कि वह किसी मंत्री के आवास पर बातचीत नहीं करेगा और केवल न्यूट्रल वेन्यू पर ही चर्चा के लिए तैयार है।
इसी के बाद दोनों पक्षों के बीच दूसरी बैठक तय हुई, हालांकि अंतिम समय में इसके स्थान में बदलाव कर दिया गया।
CJP बोली- सरकार दबाव में है
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार को कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे वीडियो संदेश जारी करना पड़ा।

रांका ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा और सरकार को संगठन की सभी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई करनी होगी।
पीएम मोदी ने किया कानून लाने का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
CJP की चार प्रमुख मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए कड़े कानून।
- पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आंदोलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई है। कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और ट्रैफिक पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बैठक के नतीजे पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। CJP ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी प्रमुख मांगों, विशेष रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं देती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, सरकार इस वार्ता के जरिए गतिरोध खत्म करने और प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए राजी करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आज की बैठक को पूरे विवाद के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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