Commonwealth Games 2026 : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के आठवें दिन भारत ने कुल 6 पदक जीतकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली। शुक्रवार को भारत के खाते में 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल आए। दिन की सबसे बड़ी सफलता जूडो से मिली, जहां अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने 15 मिनट के अंतराल में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 1 August 2026
IBN24 News Network : वहीं जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन छह पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 23 हो गई है। भारतीय दल के खाते में अब 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल हैं और टीम फिलहाल पदक तालिका में 10वें स्थान पर बनी हुई है।
जूडो में भारत ने रचा नया इतिहास

भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि महिला 48 किलोग्राम वर्ग से आई। त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे ने फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में भारत का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। मुकाबले की शुरुआत अस्मिता के लिए आसान नहीं रही। उन्होंने शुरुआती दौर में एक अंक गंवाया और उन पर पेनल्टी भी लगी, लेकिन उन्होंने आक्रामक खेल जारी रखा। इसके बाद स्कोर 1-1 से बराबर हुआ और गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर इतिहास रच दिया।

अस्मिता की जीत के महज 15 मिनट बाद भारत को दूसरा स्वर्ण पदक भी जूडो से मिला। 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को हराया। मुकाबले के शुरुआती चार मिनट तक दोनों खिलाड़ियों के बीच कोई अंक नहीं बना, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए वाजा-अरी से बढ़त बनाई और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
महिला 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्य भी फाइनल तक पहुंचीं। इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ करीब सात मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कोई अंक नहीं बन सका। गोल्डन स्कोर में दोनों पर दो-दो शिडो थे, लेकिन तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
जेवलिन थ्रो में भारत के दो पदक

पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। हालांकि वह स्वर्ण पदक से चूक गए। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर का थ्रो कर गोल्ड अपने नाम किया।

भारत के युवा एथलीट यशवीर सिंह इस मुकाबले के सबसे बड़े सरप्राइज साबित हुए। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.41 मीटर का थ्रो किया और ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा।
इस स्पर्धा में एक बड़ा उलटफेर भी देखने को मिला। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम उम्मीदों के विपरीत प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-8 में भी जगह नहीं बना सके और तीन राउंड के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
तेजस्विन शंकर ने बनाया नया रिकॉर्ड

डेकाथलॉन स्पर्धा में तेजस्विन शंकर ने 7976 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
दो दिनों तक चली इस कठिन स्पर्धा में ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंकों के साथ गोल्ड और कनाडा के डेमियन वार्नर ने 8036 अंकों के साथ सिल्वर मेडल जीता।
डेकाथलॉन एथलेटिक्स की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है। इसमें 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, शॉटपुट, हाई जंप, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो और 1500 मीटर दौड़ सहित कुल 10 स्पर्धाएं होती हैं। सभी स्पर्धाओं में मिले अंकों के आधार पर अंतिम रैंकिंग तय की जाती है।
बॉक्सिंग में सभी 10 भारतीय खिलाड़ी फाइनल में
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के सभी 10 बॉक्सर अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच चुके हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, जैस्मीन लम्बोरिया, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी और लवलीना बोरगोहेन स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह, सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल भी गोल्ड मेडल मुकाबले में उतरेंगे।
भारतीय दल को अब बॉक्सिंग से कई स्वर्ण पदकों की उम्मीद है, जिससे पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
भारत की नजर पदक तालिका में लंबी छलांग पर

आठवें दिन के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय दल का मनोबल काफी बढ़ाया है। जूडो में ऐतिहासिक सफलता, एथलेटिक्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन और बॉक्सिंग में सभी खिलाड़ियों का फाइनल में पहुंचना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में भारत के खाते में कई और पदक जुड़ सकते हैं। यदि भारतीय मुक्केबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो भारत पदक तालिका में शीर्ष देशों के और करीब पहुंच सकता है।
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