Haryana CM and Chandigarh Schools Bomb Threat : गर्मी की छुट्टियों के बाद बुधवार को जैसे ही चंडीगढ़ के स्कूल दोबारा खुले, उसी दिन शहर के कई प्रमुख स्कूलों और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी ई-मेल के माध्यम से भेजी गई, जिसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 1 July 2026
IBN24 News Network : यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले भी वर्ष 2026 में कई बार इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल सामने आ चुके हैं। पुलिस पहले एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा कर चुकी थी, लेकिन अब दोबारा ऐसी धमकियां मिलने से जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
इन स्कूलों को मिला धमकी भरा ई-मेल
सबसे पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-31 स्थित एयर फोर्स स्कूल को धमकी भरा ई-मेल मिला। इसके बाद एक-एक कर कई अन्य शिक्षण संस्थानों को भी इसी तरह के संदेश भेजे गए। इनमें शामिल हैं—

इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय को भी धमकी भेजी गई।
मेल में बम धमाके और ड्रोन हमले का दावा
धमकी भरे ई-मेल में बम विस्फोट, आईईडी और ड्रोन हमलों का उल्लेख किया गया। संदेश में दावा किया गया कि—
- चंडीगढ़ के स्कूलों को दोपहर 1:11 बजे निशाना बनाया जाएगा।
- हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय पर 3:11 बजे हमला किया जाएगा।
इस बार एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई कि धमकी जीमेल के बजाय रेडिफमेल से भेजी गई, जिससे जांच एजेंसियां नए तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
केंद्रीय नेताओं का भी किया गया जिक्र
धमकी भरे संदेश में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी उल्लेख किया गया। साथ ही रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने की बात कही गई और लोगों से कुछ रेल मार्गों पर यात्रा नहीं करने की चेतावनी दी गई।
ई-मेल में 15 अगस्त को लेकर भी भड़काऊ बातें लिखी गईं और बच्चों को स्वतंत्रता दिवस परेड में नहीं भेजने जैसी धमकियां दी गईं। इसके अलावा खालिस्तान समर्थक नारे और कई व्यक्तियों के नाम भी संदेश में लिखे गए।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं हाई अलर्ट
धमकी मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। प्रभावित स्कूलों और संवेदनशील सरकारी परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई तथा कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस पूरे मामले की साइबर और तकनीकी जांच भी कर रही है।
2026 में पहले भी कई बार मिल चुकी हैं धमकियां

पहले गिरफ्तारी का दावा कर चुकी है पुलिस
इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने दावा किया था कि उसने पश्चिम बंगाल निवासी सौरव बिस्वास को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल भेजने, फर्जी ई-मेल आईडी और वीपीएन के माध्यम से पहचान छिपाने तथा डार्क वेब पर ई-मेल से जुड़ा डेटा बेचने के नेटवर्क से जुड़ा था।
जांच में यह भी सामने आया था कि वह कथित तौर पर ई-मेल संबंधी डेटा सीमा पार मौजूद लोगों को लगभग 24 हजार रुपये में बेचता था। हालांकि अब फिर से उसी तरह की धमकियां मिलने के बाद पुलिस की पहले की जांच और दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जांच जारी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत, तकनीकी विवरण और संभावित संदिग्धों की जांच कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
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