CEC Gyanesh Kumar Protest : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली, पटना, देहरादून, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, असम, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में प्रदर्शन और मार्च निकाला। पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग कर रही है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 25 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि पटना और चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। देहरादून में भी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
14 बार आपत्ति का दावा
कांग्रेस का प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव आयोग की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया और आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर है। बताया जा रहा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, Form 6 में बदलाव तथा मतदाता डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों को उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए जाने पर सवाल उठाए थे। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि पिछले एक साल में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
इसी विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई है। याचिका में SIR से जुड़े कथित तौर पर बिना बहुमत की सहमति लिए गए फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक और अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के मतदाता डेटा में कथित बदलावों की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग या विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग भी की है। याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने के आरोप की जांच की मांग की गई है। यह संख्या याचिका में लगाए गए आरोप का हिस्सा है, जिसे जांच के जरिए सत्यापित करने की मांग की गई है।
याचिका में मूल वैधानिक Form 6 को बहाल करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा CEC ज्ञानेश कुमार समेत कुछ अधिकारियों के खिलाफ Representation of the People Act के तहत कार्रवाई की मांग रखी गई है।
CJP ने दी 2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज करने की बात कही है। पार्टी ने कहा है कि अगर CEC इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

CJP ने इससे पहले ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की समयसीमा देने की बात कही थी। यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद लगातार बढ़ रहा है।
चुनाव आयोग के सामने बढ़ी राजनीतिक चुनौती
SIR को लेकर विवाद अब सड़क से लेकर अदालत तक पहुंच चुका है। एक ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा CEC की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग अपने फैसलों को नियमों के तहत और सर्वसम्मति से लिया गया बता रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नई याचिका पर आगे होने वाली सुनवाई और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि SIR से जुड़े इन आरोपों और मांगों पर अदालत का रुख क्या रहता है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक विरोध, चुनावी प्रक्रिया और न्यायिक जांच की मांग—तीनों स्तरों पर चर्चा में है।
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