Abhijeet Deepke Diagnosed with Typhoid : पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत होने की संभावना है। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है। इससे पहले शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए बैरिकेडिंग बढ़ा दी। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने टाइफाइड होने की जानकारी दी है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 25 July 2026
IBN24 News Network : CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने शनिवार सुबह वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक नहीं है, लेकिन छात्रों के भविष्य की लड़ाई जारी रहेगी और आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।
जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात जंतर-मंतर इलाके में अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगा दी। कई जगहों पर बैरिकेड्स को वेल्डिंग कर स्थायी रूप से जोड़ा गया। सुरक्षा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब CJP ने चेतावनी दी थी कि यदि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो 20 जुलाई जैसा प्रदर्शन दोबारा किया जाएगा।
आज तीसरी बैठक, सरकार के जवाब का इंतजार

सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरी बैठक प्रस्तावित है। CJP की ओर से कहा गया है कि इस बैठक में सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना अंतिम रुख बता सकती है।
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो सरकार से आगे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुआवजे और केस वापसी के मुद्दे पर सरकार से लिखित समझौते की उम्मीद है।
CJP का दावा- इन मांगों पर बनी सहमति
CJP ने शुक्रवार को दावा किया था कि सरकार ने शुरुआती स्तर पर दो मांगों पर सहमति जताई है—

- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा।
- आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेना।
हालांकि, संगठन का कहना है कि आंदोलन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और इस पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली में NEET पेपर लीक की सुनवाई शुरू

इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई शुरू कर दी है। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा ने शनिवार को कार्यभार संभाल लिया।
यह अदालत पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी। साथ ही सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज लंबित मामलों को भी इसी अदालत में ट्रांसफर किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने पहली बार बनाई STF

पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने पहली बार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है।
STF किन मामलों की जांच करेगी ?
- UPSC, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड और IBPS जैसी भर्ती परीक्षाएं।
- NTA की NEET, JEE, CUET और UGC-NET परीक्षाएं।
- केंद्र सरकार के विभागों की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी।
- पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामले।
STF का नेतृत्व दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के DCP करेंगे, जबकि इसकी निगरानी स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) के पास होगी।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने प्रदर्शन रोकने के लिए मेट्रो, सड़कें, बाजार और इंटरनेट तक बंद कर दिया, लेकिन पेपर लीक रोकने में नाकाम रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
अब नजर तीसरी बैठक पर

सरकार और CJP के बीच होने वाली तीसरी बैठक को आंदोलन का सबसे अहम दौर माना जा रहा है। यदि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं होता, तो CJP ने आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से मुआवजे, केस वापसी और अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





