Abhijeet Deepke Bail : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिल गई। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात हिरासत में लिया था। इससे पहले वह कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए थे। शांति भंग होने की आशंका के चलते हुई इस कार्रवाई के बाद दिल्ली में प्रदर्शनों, पुलिस की भूमिका और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 17 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इसी बीच, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने का ऐलान किया है। कांग्रेस को इस रैली के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मिल चुकी है।
8 दिन में दूसरी बार कार्रवाई, पहले भी हिरासत में लिए गए थे दीपके
अभिजीत दीपके के खिलाफ आठ दिन के भीतर यह दूसरी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया था। अब शुक्रवार को कनॉट प्लेस में तिरंगा रैली से पहले हिरासत में लिए जाने के बाद शनिवार को उन्हें जमानत मिल गई।

CJP ने आरोप लगाया था कि हिरासत में लिए जाने के बाद कई घंटों तक दीपके की लोकेशन की जानकारी नहीं दी गई। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे के मुताबिक, पुलिस ने पहले संसद मार्ग थाने में उनके होने से इनकार किया था। इसके बाद दूसरे थाने में पता करने को कहा गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि वकीलों को हिरासत की वजह स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष भी मामले की पूरी तस्वीर समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
दिल्ली में कई जगह बैरिकेडिंग, पुलिस ने दर्ज कीं FIR
दिल्ली में कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग जारी है। हालांकि, इन इलाकों में सड़क यातायात चल रहा है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामलों में कई FIR दर्ज की गईं। पुलिस का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कुछ जगहों पर भीड़ जमा हुई। वहीं, प्रदर्शनकारी संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

प्रदर्शनों के दौरान लागू प्रतिबंधों को लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का भी उल्लेख किया गया है। इस धारा के तहत जारी आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है।
महिला संगठनों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ निकाला मार्च
दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) और अन्य संगठनों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे।

इन संगठनों ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए।
दीपके की लीगल टीम मंदिर मार्ग थाने पहुंची
अभिजीत दीपके की कानूनी टीम भी मामले को लेकर सक्रिय रही। उनके वकील पुष्प शर्मा और CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।

रत्ना सिंह ने इससे पहले सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि दीपके को सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया जाएगा। उनकी पेशी से पहले थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
केरल में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो FIR
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ छात्रा और NSUI कार्यकर्ता अथिरा विजयन हैं।
शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोका, गाली दी, घसीटा और मारपीट की। इस शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 115, 117, 126, 296(B) और 391 सहित अन्य धाराओं का उल्लेख किया गया है। ये आरोप शिकायत में लगाए गए हैं। मामले में जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रकाश राज बोले- SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी रहेंगे प्रदर्शन
अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी गांधी, अंबेडकर और भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की आपत्तियों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है।
दिल्ली पुलिस ने तिरंगे के सम्मान को लेकर जारी की गाइडलाइंस
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करने और संभालने से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानजनक स्थिति में रखा जाना चाहिए। इसे जमीन पर नहीं घसीटना चाहिए और न ही पानी में गिरने देना चाहिए। तिरंगे को उल्टा नहीं फहराया जा सकता। इसी तरह, सरकारी निर्देशों के तहत विशेष अनुमति के बिना इसे आधा झुकाकर नहीं फहराया जाना चाहिए।
इसके अलावा, राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल कपड़ों या यूनिफॉर्म के हिस्से के रूप में करने और इसे कुशन, रुमाल या नैपकिन जैसी वस्तुओं पर छापने से संबंधित प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया गया है। झंडे पर कुछ लिखना, इसे सजावट के लिए कपड़े की तरह इस्तेमाल करना या किसी मंच, स्मारक अथवा इमारत को ढकने के लिए इसका उपयोग करना भी नियमों के तहत प्रतिबंधित है। राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग से संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है। हालांकि, किसी विशेष मामले में लागू प्रावधानों और आधिकारिक दिशानिर्देशों को ध्यान में रखना जरूरी है।
AISA का आरोप- नेहा बोरा को पांच घंटे तक अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आरोप लगाया है कि नेहा बोरा को हिरासत में लेने के बाद करीब पांच घंटे तक दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें आरके पुरम थाने पहुंचाया गया। संगठन के मुताबिक, आधी रात के आसपास थाने पहुंचे वकीलों को शुरुआत में नेहा से मिलने नहीं दिया गया। बाद में जब मुलाकात हुई, तब वहां पुलिसकर्मी और रिकॉर्डिंग कैमरे मौजूद थे।

AISA ने यह भी दावा किया कि नेहा के बीमार होने की जानकारी के बावजूद उन्हें दवाइयां देने से इनकार किया गया। संगठन ने उनकी रिहाई का समय स्पष्ट नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
सौरव दास और आशुतोष रांका पांच दिन की न्यायिक हिरासत में
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। दोनों को तिहाड़ जेल में रखा गया है।
उन्हें 13 अक्टूबर की सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी हिरासत 18 अक्टूबर को समाप्त होनी है। इसके बाद पुलिस उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय होगा।
1 नवंबर की कांग्रेस रैली पर भी नजर
SIR के विरोध में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली अब इस पूरे घटनाक्रम का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। कांग्रेस ने रैली के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने की जानकारी दी है।
दूसरी ओर, हालिया प्रदर्शनों के दौरान हिरासत, FIR, बैरिकेडिंग और पुलिस की कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों तथा संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि 1 नवंबर की रैली किस तरह आयोजित होती है और SIR को लेकर विपक्ष का विरोध आगे क्या राजनीतिक रूप लेता है।
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