Sirsa Roadways Strike : हरियाणा के सिरसा जिले में रोडवेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते सोमवार को बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। रविवार शाम से रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के बैनर तले हड़ताल पर चले गए हैं। इसके कारण जिले में 100 से ज्यादा रोडवेज बसों का संचालन ठप हो गया है। सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, चौपटा और रानियां बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में बसें खड़ी रहीं। वहीं, बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Written by Kajal Panchal • Published on : 1 November 2026
IBN24 NEWS NETWORK : हड़ताल के कारण सिरसा से दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पोकरण और हनुमानगढ़ जैसे लंबे रूटों पर बस सेवाएं बंद रहीं। इसके अलावा लोकल रूटों पर चलने वाली बसें और विद्यार्थियों के लिए सुबह संचालित होने वाली बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सोमवार से डबवाली डिपो में भी बसों का संचालन बंद कर कर्मचारी धरने पर बैठ गए।
रोडवेज सांझा मोर्चा के पदाधिकारियों का दावा है कि अंबाला, फतेहाबाद समेत प्रदेश के अन्य डिपो के कर्मचारियों के साथ भी बातचीत चल रही है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो मंगलवार से पूरे हरियाणा में हड़ताल हो सकती है। कर्मचारियों ने किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों का संचालन भी बंद रखने की बात कही है। वहीं, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
बकाया भुगतान को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
रोडवेज कर्मचारियों की मुख्य मांग लंबे समय से लंबित भुगतान जारी करने की है। कर्मचारियों का आरोप है कि सितंबर महीने से लगातार ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। ओवरटाइम, नाइट ड्यूटी, टीए, एलटीसी और मेडिकल बिलों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।

सांझा मोर्चा के चिमनलाल स्वामी के अनुसार, वर्ष 2023 और 2024 के टीए बिल, 13 मेडिकल बिल, कर्मचारियों की एलटीसी और अप्रैल के बाद का ओवरटाइम भुगतान लंबित है। इसके अलावा नाइट ड्यूटी के भुगतान को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी है।
जीएम के साथ बैठक बेनतीजा, 2 दिसंबर तक भुगतान का आश्वासन
कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल ने रोडवेज महाप्रबंधक (GM) के साथ बैठक कर अपनी मांगें रखीं। बैठक में ओवरटाइम, नाइट ड्यूटी, एलटीसी और मेडिकल बिलों के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

कर्मचारियों के अनुसार, जीएम ने बकाया राशि 2 दिसंबर तक कर्मचारियों के बैंक खातों में डालने के लिए समय मांगा। हालांकि, कर्मचारी इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि पहले भी कई बार भुगतान का भरोसा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि नहीं मिली। इसलिए बैठक में सहमति नहीं बनने के बाद हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया।
इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को कंडक्टर बनाकर रूट पर भेजने का आरोप
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने रोडवेज प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि सोमवार सुबह करीब दो किलोमीटर स्कीम की बसों पर इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को कंडक्टर के तौर पर रूट पर भेजा गया।

कर्मचारियों के मुताबिक, कंडक्टर पद से इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट हुए अधिकारियों को दोबारा कंडक्टर की जिम्मेदारी देकर बसों में भेजना नियमों के विरुद्ध है। वहीं, कर्मचारियों ने जीएम की ओर से जारी पत्र पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पत्र में दिसंबर 2025 और ओवरटाइम का भुगतान किए जाने की बात कही गई है, जबकि अधिकांश कर्मचारियों को अभी तक उनका बकाया पैसा नहीं मिला है।
हिसार के बाद अन्य डिपो में भी आंदोलन तेज
बकाया भुगतान की मांग को लेकर हिसार रोडवेज डिपो में भी कर्मचारियों ने लंबा आंदोलन किया था। वहां रोडवेज सांझा मोर्चा करीब 37 से 38 दिनों तक बस स्टैंड पर धरने पर बैठा रहा। कर्मचारियों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों का ओवरटाइम और नाइट ड्यूटी का भुगतान 90 हजार से लेकर 1.50 लाख रुपये तक पहुंच गया था।
हिसार में आंदोलन के बाद अब रोहतक, सिरसा और फतेहाबाद समेत अन्य डिपो में भी कर्मचारियों ने बकाया भुगतान को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी, बस स्टैंड पर खड़ी रहीं बसें
रविवार शाम से सिरसा जिले में 100 से ज्यादा रोडवेज बसों का संचालन बंद होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। अधिकांश बसें वर्कशॉप और बस स्टैंड परिसर में खड़ी हैं। सिरसा के अलावा डबवाली, ऐलनाबाद, चौपटा और रानियां बस स्टैंड पर भी बसें खड़ी नजर आईं।
लंबे रूटों के साथ लोकल बस सेवाएं बंद होने से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाले आंदोलन पर है। यदि प्रदेश के अन्य डिपो भी हड़ताल में शामिल होते हैं तो हरियाणा में रोडवेज बस सेवाएं और अधिक प्रभावित हो सकती हैं।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





