Tesla Flying Car : दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क की कंपनी टेस्ला की सेकेंड जनरेशन रोडस्टर एक बार फिर चर्चा में है। दी गई जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को कार का एक ऐसा डेमो दिखाया गया, जिसमें गाड़ी घुमावदार रैंप से ऊपर उठती है, हवा में पलटी खाती है और फिर जमीन पर लैंड करती दिखाई देती है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 16 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इस कार की खासियत रॉकेट में इस्तेमाल होने वाली थ्रस्टर तकनीक बताई जा रही है। हालांकि, डेमो और तकनीकी दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
हवा में कलाबाजी दिखाने वाली कार में क्या है खास ?
टेस्ला रोडस्टर की सेकेंड जनरेशन को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। इस बार सामने आए दावों के अनुसार, कार में स्पेसएक्स की रॉकेट तकनीक से प्रेरित थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इनकी मदद से कार को अतिरिक्त धक्का देने और हवा में नियंत्रित करने की क्षमता मिलने का दावा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कार में हाई-प्रेशर एयर टैंक, ऊंचाई नियंत्रित करने वाले थ्रस्टर्स और पीछे की तरफ मुख्य थ्रस्टर्स लगाए जा सकते हैं। यह तकनीक सामान्य इलेक्ट्रिक कारों से इसे अलग बनाती है। हालांकि, हवा में उड़ने, पलटी खाने और सुरक्षित लैंडिंग करने जैसी क्षमताओं को लेकर कंपनी की आधिकारिक तकनीकी जानकारी और स्वतंत्र परीक्षण के नतीजों की पुष्टि करना जरूरी है।
1 सेकेंड में 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का दावा
रोडस्टर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी रफ्तार की हो रही है। उपलब्ध जानकारी में दावा किया गया है कि यह कार महज 1 सेकेंड में 97 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।

यदि यह दावा वास्तविक परिस्थितियों में साबित होता है, तो यह कार की असाधारण एक्सेलरेशन क्षमता होगी। हालांकि, इतनी तेज रफ्तार पकड़ने के दावे की पुष्टि आधिकारिक स्पेसिफिकेशन और स्वतंत्र टेस्ट के आधार पर ही की जानी चाहिए।
2028 में शुरू हो सकता है प्रोडक्शन
टेस्ला रोडस्टर की लॉन्चिंग का इंतजार कई साल से किया जा रहा है। अब इसके प्रोडक्शन को लेकर 2028 का समय बताया जा रहा है। हालांकि, कंपनी की ओर से घोषित समयसीमा में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रिपोर्ट में कार की बुकिंग के लिए 50,000 डॉलर यानी लगभग 48 लाख रुपये के डिपॉजिट का जिक्र किया गया है। यह राशि भारतीय रुपये में अनुमानित रूपांतरण है। बुकिंग करने से पहले ग्राहकों को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा कीमत, भुगतान की शर्तें और रिफंड पॉलिसी की पुष्टि करनी चाहिए।
एलन मस्क ने इंजीनियरों की मेहनत को बताया खास
रोडस्टर को टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों के संयुक्त तकनीकी प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। स्पेसएक्स अंतरिक्ष में रॉकेट और अंतरिक्ष यानों की दिशा नियंत्रित करने के लिए थ्रस्टर तकनीक का इस्तेमाल करता है।

हालांकि, किसी अंतरिक्ष यान में इस्तेमाल होने वाली तकनीक को सड़क पर चलने वाली कार में लागू करना एक अलग इंजीनियरिंग चुनौती है। इसमें सुरक्षा, नियंत्रण, ऊर्जा प्रबंधन और कानूनी मंजूरी जैसे कई पहलुओं पर ध्यान देना होगा।
क्या आम सड़कों पर चल सकेगी उड़ने वाली टेस्ला ?
इस कार को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसे आम सड़कों पर चलाना संभव होगा। थ्रस्टर्स वाली कार को सड़क पर सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए सामान्य ड्राइविंग सुविधाओं के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी जरूरत होगी।
इसके अलावा, हवा में उड़ान भरने या कलाबाजी करने वाली किसी कार के लिए सड़क यातायात नियमों के अलावा विमानन से जुड़े नियम भी लागू हो सकते हैं। इसलिए केवल तकनीकी डेमो के आधार पर यह मानना सही नहीं होगा कि कार को सार्वजनिक सड़कों या खुले स्थानों पर उड़ाया जा सकेगा। टेस्ला रोडस्टर को लेकर यह भी बताया गया है कि इसे मैन्युअल रूप से चलाने पर जोर दिया जाएगा। हालांकि, इसके अंतिम डिजाइन, सुरक्षा सुविधाओं और ड्राइविंग सिस्टम की पुष्टि आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही हो सकेगी।
क्या होती है कोल्ड-गैस थ्रस्टर तकनीक ?
कोल्ड-गैस थ्रस्टर एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें दबाव वाली गैस को नोजल से तेजी से बाहर निकालकर धक्का पैदा किया जाता है। अंतरिक्ष में इसका इस्तेमाल उपग्रहों और अन्य अंतरिक्ष यानों की दिशा या स्थिति बदलने के लिए किया जाता है।
इस तकनीक में गैस को गर्म करने के लिए दहन प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि थ्रस्टर अपने आप किसी कार को उड़ाने के लिए पर्याप्त होंगे। इसके लिए गैस का दबाव, मात्रा, थ्रस्ट की दिशा, वजन और नियंत्रण प्रणाली जैसे कई तकनीकी कारक महत्वपूर्ण होते हैं।
2017 में पेश हुई थी सेकेंड जनरेशन रोडस्टर
टेस्ला ने नवंबर 2017 में सेकेंड जनरेशन रोडस्टर को पेश किया था। उस समय कंपनी ने इसकी रफ्तार और प्रदर्शन को लेकर बड़े दावे किए थे। इसके साथ ही स्पेसएक्स पैकेज और थ्रस्टर तकनीक की संभावना पर भी चर्चा हुई थी।
हालांकि, इसके बाद कार की लॉन्चिंग और प्रोडक्शन की समयसीमा कई बार आगे बढ़ी। शुरुआत में इसे 2020 के आसपास बाजार में लाने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब तक इसकी व्यावसायिक उपलब्धता को लेकर इंतजार जारी है। टेस्ला की पहली रोडस्टर 2008 में बाजार में आई थी। यह ब्रिटिश स्पोर्ट्स कार कंपनी लोटस की एलिस कार के प्लेटफॉर्म पर आधारित थी, जिसमें इलेक्ट्रिक पावरट्रेन का इस्तेमाल किया गया था।
क्या टेस्ला रोडस्टर बदल देगी कारों का भविष्य ?
अगर रोडस्टर में बताई जा रही थ्रस्टर तकनीक को व्यावहारिक रूप से लागू किया जाता है, तो यह ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के मेल का एक दिलचस्प उदाहरण हो सकता है। हालांकि, किसी भी नई तकनीक की असली सफलता उसके प्रदर्शन के साथ-साथ सुरक्षा, लागत और आम लोगों के लिए उपयोगिता पर निर्भर करती है।
फिलहाल, टेस्ला रोडस्टर की उड़ने की क्षमता, एक सेकेंड में 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और 2028 में प्रोडक्शन शुरू होने जैसे दावों को आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र परीक्षण के आधार पर देखना जरूरी है। आने वाले समय में कंपनी की ओर से सामने आने वाली जानकारी तय करेगी कि यह कार वास्तव में कितनी क्रांतिकारी साबित होती है।
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