Brij Bhushan Sharan Singh Aquitted : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 3 August 2026
IBN24 News Network : इसी मामले में पूर्व WFI सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने दोषमुक्त घोषित किया। फैसला एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने सुनाया। सुनवाई के दौरान कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व WFI सचिव विनोद तोमर अदालत में मौजूद रहे।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण ?
कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अदालत ने उन्हें और विनोद तोमर को सम्मानपूर्वक बरी किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि यदि उन पर लगाया गया कोई भी आरोप साबित हो जाता है तो वह सबसे बड़ी सजा स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा,
“जज ने कहा कि बृजभूषण और विनोद तोमर, आप लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले भी कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाएगा तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज मेरे लिए खुशी का दिन है।”
बाद में अपने आवास पहुंचने पर समर्थकों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।”
बेटे करण भूषण और WFI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
बृजभूषण के बेटे करण भूषण सिंह ने फेसबुक पर लिखा, “साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी बाइज्जत बरी हुए। सत्यमेव जयते!”

वहीं, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि बृजभूषण पर लगाए गए आरोप झूठे थे। अदालत ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किया है और इससे पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।
जनवरी 2023 में शुरू हुआ था विवाद
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। उस समय ओलंपियन विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया सहित कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण शरण सिंह पर महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

पहलवानों ने केंद्र सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ से कार्रवाई की मांग की थी। इस आंदोलन के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई FIR
शुरुआत में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर पहलवान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
कुल छह महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें एक नाबालिग पहलवान भी शामिल थी। हालांकि बाद में नाबालिग पहलवान ने अपनी शिकायत वापस ले ली और अपने बयान में बदलाव कर दिया।
बृजभूषण ने शुरू से बताया था झूठा मामला
आरोप तय होने के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने अदालत में कहा था कि उनके खिलाफ लगाया गया पूरा मामला झूठा और प्रेरित है। उन्होंने सभी आरोपों से लगातार इनकार किया था।
127 सुनवाई, 1133 दिन बाद आया फैसला
इस मामले में करीब 1133 दिनों तक सुनवाई चली। इस दौरान अदालत में कुल 127 सुनवाई हुईं।
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
चार्जशीट और ट्रायल की पूरी प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। 20 जुलाई 2023 को बृजभूषण शरण सिंह को नियमित जमानत मिल गई थी।
10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए, जिसके बाद मामले का ट्रायल शुरू हुआ।
महिला पहलवानों ने क्या आरोप लगाए थे ?
शिकायत करने वाली महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था कि विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों और आयोजनों के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
शिकायतों में बिना अनुमति छूना, गले लगाना, निजी सवाल पूछना, फोटो खिंचवाने के दौरान अनुचित तरीके से हाथ लगाना, महिला खिलाड़ियों के साथ अशोभनीय व्यवहार करना और यौन उत्पीड़न से जुड़े अन्य आरोप शामिल थे।
इस मामले की पूरी टाइमलाइन
- जनवरी 2023: महिला पहलवानों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया।
- जनवरी 2023: भारतीय ओलंपिक संघ ने जांच समिति गठित की।
- अप्रैल 2023: खिलाड़ियों ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दी।
- मई 2023: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज हुई।
- 15 जून 2023: दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
- 20 जुलाई 2023: बृजभूषण शरण सिंह को नियमित जमानत मिली।
- 10 मई 2024: अदालत ने आरोप तय किए।
- 2 जुलाई 2026: दोनों पक्षों की बहस पूरी, फैसला सुरक्षित रखा गया।
- 3 अगस्त 2026: राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया।
अब आगे क्या ?
ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद यदि शिकायतकर्ता पक्ष इस निर्णय से असहमत होता है तो वह दिल्ली हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकता है। फिलहाल ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





