West Bengal ₹28 Crore Cash Seizure : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक बड़ी छापेमारी के दौरान पूर्व बस ड्राइवर के घर से करीब ₹28.5 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद किया है। बरामद सोने की अनुमानित कीमत लगभग ₹21.5 करोड़ बताई जा रही है। इस तरह कुल बरामदगी करीब ₹50 करोड़ की है। पुलिस ने इस मामले में मिनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है और अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 30 July 2026
IBN24 News Network : पुलिस के अनुसार, मिनार मंडल पहले राज्य परिवहन विभाग में बस ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। बाद में उसने स्टोन कारोबार से जुड़ी गतिविधियों में काम करना शुरू किया। जांच में सामने आया है कि वह फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का मैनेजर और रिश्तेदार भी है। तुलु मंडल वही कारोबारी है, जिसकी बेटी की वर्ष 2024 में हुई आलीशान शादी कथित तौर पर करीब ₹100 करोड़ के खर्च के कारण काफी चर्चा में रही थी।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस को बुधवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि मिनार मंडल के घर में बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र में स्थित उसके घर पर छापेमारी की। शुरुआती तलाशी में लगभग ₹20 करोड़ नकद बरामद हुआ, लेकिन पूरी रात चली गिनती के बाद यह राशि बढ़कर ₹28.5 करोड़ तक पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि नोटों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें गिनने के दौरान पांच करेंसी काउंटिंग मशीनें खराब हो गईं। इसके बाद नकदी को लोहे के बक्सों में भरकर थाने ले जाया गया और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घर से मिला 15 किलो सोना
नकदी के अलावा पुलिस ने घर से 1-1 किलो के 14 गोल्ड बार और 100-100 ग्राम के 10 गोल्ड बिस्किट भी बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक इनकी कुल कीमत करीब ₹21.5 करोड़ आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिलने के बाद मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिनार मंडल ने दावा किया कि बरामद नकदी और सोना उसका नहीं बल्कि फरार कारोबारी तुलु मंडल का है। हालांकि पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
स्टोन कारोबार और टैक्स वसूली की जांच
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि बरामद नकदी का संबंध बीरभूम जिले की स्टोन क्वारियों से हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2016-17 के आसपास तुलु मंडल ने पत्थर खदानों में District Collection Rate (DCR) के तहत सरकारी टैक्स वसूली का काम संभाला था।
आरोप है कि इस टैक्स वसूली के दौरान करोड़ों रुपये के राजस्व में गड़बड़ी हुई और सरकारी खजाने में जमा होने वाली राशि का दुरुपयोग किया गया। हालांकि इस मामले में जांच अभी जारी है और एजेंसियां सभी वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं।
पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है नाम
तुलु मंडल का नाम पहले भी कथित पशु तस्करी (कैटल स्मगलिंग) मामले की जांच के दौरान सामने आ चुका है। वर्ष 2022 में CBI ने उसके घर, कार्यालय और गोदाम पर छापेमारी की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसे पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि इन मामलों में अब तक कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है और जांच की प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर जारी रही है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इतनी बड़ी बरामदगी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विभिन्न नेताओं ने इस मामले को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं। पार्टी के भीतर भी आरोपी के कथित संबंधों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
कुछ नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि अन्य नेताओं का कहना है कि यदि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति का इस मामले से संबंध सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी ओर विपक्ष ने इस बरामदगी को राज्य में भ्रष्टाचार और अवैध आर्थिक नेटवर्क का उदाहरण बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं।
2024 की आलीशान शादी फिर चर्चा में
इस कार्रवाई के बाद तुलु मंडल की बेटी की वर्ष 2024 में हुई कथित ₹100 करोड़ की शादी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। उस समय शादी में बंगाली फिल्म उद्योग के साथ-साथ बॉलीवुड की कई हस्तियों की मौजूदगी को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कारोबारी के वित्तीय स्रोत क्या थे और उसके कारोबार से जुड़े लेन-देन कितने वैध थे।
जांच का दायरा बढ़ा

फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद ₹28.5 करोड़ नकदी और 15 किलो सोने का वास्तविक स्रोत क्या है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या यह मामला अवैध कारोबार, टैक्स गड़बड़ी या अन्य वित्तीय अपराधों से जुड़ा हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल आरोपी मिनार मंडल पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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