TRAI Spam Call Rules : फोन उठाते ही रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देना, बार-बार आने वाली स्पैम कॉल और फर्जी नंबरों से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए TRAI ने नियम और सख्त किए हैं। नए नियमों के तहत स्पैम कॉल की पहचान के लिए AI की मदद ली जाएगी। इसके अलावा रोबो कॉल करने वाली कंपनियों पर इंटर-ऑपरेटर चार्ज लगाया जा सकेगा।

Written by Kajal Panchal • Published on : 29 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : TRAI के नए प्रावधानों का मकसद स्पैम कॉल, फर्जी नंबरों और अनचाही कमर्शियल कॉल पर लगाम लगाना है। वहीं, बार-बार स्पैम गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले नंबरों और संस्थाओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
रोबो कॉल करने पर लगेगा 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज
अब कंपनियों को ऑटोमैटिक या AI के जरिए की जाने वाली कॉल की जानकारी पहले अपनी टेलीकॉम कंपनी को देनी होगी। बिना जानकारी दिए ऐसी कॉल करने पर उसे स्पैम माना जा सकता है। अगर ऐसी कॉल किसी दूसरी टेलीकॉम कंपनी के नेटवर्क पर मौजूद ग्राहक तक पहुंचती है तो कॉल प्राप्त करने वाली कंपनी, कॉल भेजने वाली कंपनी से 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज ले सकती है।
हालांकि यह चार्ज आम मोबाइल ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। यानी फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर इसका सीधा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। 140, 1600 और 1601 जैसी निर्धारित नंबर सीरीज से होने वाली कुछ वैध कॉल पर यह चार्ज लागू नहीं होगा।
AI बताएगा कौन कर रहा है स्पैम
TRAI ने स्पैम पकड़ने के लिए AI और मशीन लर्निंग तकनीक के इस्तेमाल को भी नियमों में शामिल किया है। अगर AI सिस्टम किसी नंबर को संदिग्ध स्पैमर के तौर पर पहचानता है तो इसकी जानकारी संबंधित टेलीकॉम कंपनी को दी जा सकती है।

इसके बाद उसी व्यक्ति या संस्था से जुड़े दूसरे नंबरों की भी जांच की जा सकेगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कोई स्पैमर अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके लगातार लोगों को परेशान तो नहीं कर रहा।
10 दिन में 5 नंबर पकड़े गए तो होगी KYC जांच
अगर 10 दिनों के भीतर किसी व्यक्ति या संस्था से जुड़े पांच या उससे ज्यादा नंबर स्पैम गतिविधि में पकड़े जाते हैं तो उनकी KYC दोबारा जांची जा सकती है। जरूरत पड़ने पर टेलीकॉम कंपनी घर या ऑफिस जाकर भी जांच कर सकती है। अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित सभी नंबरों की आउटगोइंग सेवा 15 दिनों तक बंद की जा सकती है।
हालांकि अगर किसी नंबर को गलती से स्पैम के तौर पर चिन्हित किया गया है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था को अपना पक्ष रखने और जांच के बाद स्पैम सूची से बाहर होने का रास्ता भी दिया जाएगा।
तीन शिकायतों के बाद भी हो सकती है कार्रवाई
स्पैम नंबरों की पहचान में ग्राहकों की शिकायतों को भी महत्व दिया जाएगा। अगर किसी नंबर के खिलाफ तीन शिकायतें आती हैं और AI सिस्टम भी उसे स्पैमर के तौर पर पहचानता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही पहले से लागू पांच शिकायतों वाले प्रावधान को भी जारी रखा गया है।
बार-बार स्पैम गतिविधियों में पकड़े जाने वाले नंबरों पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति या संस्था के सभी नंबरों को एक साल तक बंद करने और ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान रखा गया है।
Spam Report करने वाले ऐप्स पर भी नियम
TRAI ने स्पैम पहचानने और ब्लॉक करने वाले कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के लिए भी नियम तय किए हैं। ऐसे ऐप सरकारी या TRAI की निर्धारित नंबर सीरीज से आने वाली हर कॉल को अपने स्तर पर स्पैम नहीं बता सकेंगे। इससे जरूरी सरकारी, बैंकिंग, सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल को गलत तरीके से स्पैम मार्क किए जाने की संभावना कम करने की कोशिश की गई है।

इसके अलावा ऐप में मौजूद ‘Report Spam’ सुविधा से की गई शिकायत को टेलीकॉम कंपनियों के DLT सिस्टम तक पहुंचाना जरूरी होगा। यानी केवल ऐप पर शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिकायत कार्रवाई वाले सिस्टम तक भी पहुंचनी जरूरी होगी।
DND की सेटिंग में भी होगा बदलाव
जिन मोबाइल यूजर्स ने 1909 के जरिए FULLY BLOCK विकल्प चुना है, उनकी सेटिंग में बदलाव किया जाएगा। इसे BLOCK PROMO में बदला जाएगा।
इससे प्रचार वाली कॉल और मैसेज बंद रहेंगे, लेकिन OTP, बैंक अलर्ट, डिलीवरी अपडेट, फ्लाइट की जानकारी और जरूरी सरकारी संदेश जैसे महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन मिलते रहेंगे। जो लोग प्रचार से जुड़े मैसेज पूरी तरह बंद करना चाहते हैं, वे 1909 के जरिए BLOCK PROMO विकल्प का इस्तेमाल कर सकेंगे।
कंपनी के नाम से फर्जी Sender ID पर भी कार्रवाई
अगर कोई ठग बैंक या किसी कंपनी के नाम वाले Sender ID का गलत इस्तेमाल करके मैसेज भेजता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे फर्जी Sender ID को छह घंटे के अंदर रोका जा सकेगा। जिस कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है, उसे अपने पासवर्ड और API बदलने के साथ पुलिस में शिकायत करने की प्रक्रिया भी अपनानी होगी।
नियम कब लागू होंगे ?
TRAI के मुताबिक सभी प्रावधान एक साथ लागू नहीं होंगे। अलग-अलग नियमों के लिए अलग समयसीमा तय की गई है।
ज्यादातर प्रावधान गजट में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद लागू होंगे। वहीं रोबो कॉल की जानकारी देने और 5 पैसे प्रति मिनट तक के इंटर-ऑपरेटर चार्ज से जुड़े प्रावधान 60 दिन बाद लागू होंगे। AI और शिकायतों को जोड़कर कार्रवाई जैसे कुछ प्रावधान 90 दिन बाद लागू किए जाएंगे।
2026 में लाखों स्पैम शिकायतें
TRAI के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच स्पैम को लेकर 11.49 लाख से ज्यादा शिकायतें मिलीं। अप्रैल में ही स्पैम गतिविधियों से जुड़े 20,591 कनेक्शन काटे गए।
नए नियमों के जरिए अब AI आधारित पहचान, ग्राहकों की शिकायत और टेलीकॉम कंपनियों के डेटा को एक साथ इस्तेमाल करके स्पैम करने वालों पर कार्रवाई को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में मोबाइल यूजर्स को बार-बार आने वाली रिकॉर्डेड कॉल, फर्जी नंबरों और अनचाही प्रमोशनल कॉल से राहत मिलने की उम्मीद है।
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