Gulveer Singh 10000m Silver : भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। वहीं, महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने 69 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर भारत की पदक संख्या को और मजबूत किया। इसके अलावा भारतीय मुक्केबाजी टीम के तीन खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं, जिससे देश के लिए कम से कम तीन और पदक पक्के हो गए हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 29 July 2026
IBN24 News Network : भारत के खाते में अब 2 गोल्ड समेत कुल 12 पदक हो चुके हैं। हालांकि अन्य देशों के बेहतर प्रदर्शन के कारण भारत मेडल तालिका में एक स्थान नीचे खिसककर नौवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 35 गोल्ड और कुल 80 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।
गुलवीर सिंह ने बनाया नया इतिहास
स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में बारिश और गीले ट्रैक के बीच हुई 10,000 मीटर रेस में गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकेंड का समय निकालते हुए सिल्वर मेडल जीता। रेस के अंतिम लैप तक वह चौथे स्थान पर थे, लेकिन शानदार फिनिश के दम पर दूसरे स्थान पर पहुंचकर भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस स्पर्धा का गोल्ड ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने जीता, जबकि ब्रॉन्ज आइल ऑफ मैन के धावक के नाम रहा।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव के रहने वाले 27 वर्षीय गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। उन्होंने सेना में भर्ती की तैयारी के दौरान दौड़ना शुरू किया था और 2018 में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद लंबी दूरी की दौड़ को गंभीरता से अपनाया। आज उसी मेहनत का परिणाम देश के लिए ऐतिहासिक मेडल के रूप में सामने आया है।
हरजिंदर कौर ने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता पदक
महिला 69 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम वजन उठाकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाया।

पंजाब के नाभा के महेश गांव की रहने वाली हरजिंदर ने अपने खेल करियर की शुरुआत कबड्डी और रस्साकशी से की थी। बाद में कोच परविंदर शर्मा की सलाह पर उन्होंने वेटलिफ्टिंग अपनाई। घर पर चारा काटने की मशीन चलाने से विकसित हुई उनकी ताकत ने इस खेल में उन्हें बड़ी बढ़त दिलाई। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने के बाद अब उन्होंने सिल्वर हासिल कर अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाया है।
हरजिंदर का यह पदक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारत का सातवां पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, जबकि ऋषिकांत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव, राजा मुथुपांडी, अजय बाबू और बिंदियारानी देवी भी भारत के लिए पदक जीत चुके हैं।
बॉक्सिंग में भारत की पदक उम्मीदें मजबूत

भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार, प्रिया घांघस और जादूमणि ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों का पदक सुनिश्चित हो जाता है। अब तीनों भारतीय मुक्केबाजों के पास ब्रॉन्ज से आगे बढ़कर गोल्ड के लिए मुकाबला करने का मौका होगा। उनके सेमीफाइनल मुकाबले 31 जुलाई को खेले जाएंगे।
निरुपमा देवी सेरम मेडल से चूकीं

महिला 63 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में भारत की निरुपमा देवी सेरम पदक जीतने से चूक गईं। उन्होंने स्नैच में 93 किलोग्राम वजन उठाया, लेकिन क्लीन एंड जर्क में 123 किलोग्राम वजन उठाने के तीनों प्रयास असफल रहे। इसके चलते उन्हें नो मार्क मिला और वह पदक की दौड़ से बाहर हो गईं।
अन्य स्पर्धाओं में भी भारत की उम्मीदें कायम
एथलेटिक्स में विशाल टीके पुरुषों की 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं, जबकि राजेश रमेश हीट्स से आगे नहीं बढ़ सके। स्विमिंग में श्रीहरि नटराज ने पुरुष 100 मीटर बैकस्ट्रोक के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि साजन प्रकाश 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा से बाहर हो गए। पैरा स्विमिंग में कार्तिक बुडीगिना और अली इमाम ने पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल S13 के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है।
भारत की नजर अब गोल्ड पर
पांचवें दिन दो सिल्वर और बॉक्सिंग में तीन पदक पक्के होने से भारतीय दल का मनोबल काफी बढ़ा है। अब देश की नजर आने वाले मुकाबलों पर है, जहां एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, स्विमिंग और वेटलिफ्टिंग में भारत के पास पदकों की संख्या बढ़ाने का शानदार अवसर होगा।
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