CJP Leaders Judicial Custody : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद रात करीब 3 बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में उनके साथ पकड़े गए अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 14 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : बुधवार सुबह तीनों को अदालत में पेश किया गया। CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि नेताओं पर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, पहले से तय बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। आशुतोष रांका और सौरव दास को तिहाड़ जेल भेजे जाने की संभावना जताई गई है।
11 अक्टूबर : 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर मिली थी रिहाई
इससे पहले CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ही CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को उनकी फ्लाइट से हिरासत में ले लिया था।

11 अक्टूबर को तीनों को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया था। रिहाई के दौरान शांति बनाए रखने और ऐसा कोई काम नहीं करने की शर्त रखे जाने की बात सामने आई थी, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। आरोप है कि इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर हुई कार्रवाई में बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का मामला भी शामिल किया गया।
12 अक्टूबर : जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया, जब 12 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया। जंतर-मंतर को करीब 33 साल पहले विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख स्थलों में शामिल किया गया था। यहां अन्ना आंदोलन, पहलवानों का प्रदर्शन और CJP का धरना जैसे कई प्रदर्शन हो चुके हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिश के बाद दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसी दिन CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। इसी मुद्दे पर पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। लेकिन प्रदर्शन स्थल की अनुमति और पहले जारी किए गए बॉन्ड की शर्तों को लेकर मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।
फिलहाल आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। वहीं, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले और CJP नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी विवाद जारी है।
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