Abhijeet Deepke Demand Amit Shah’s Resignation : दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 31 July 2026
IBN24 News Network : छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दिया गया होगा। उन्होंने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और अमित शाह को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
‘अगर विदेशी फंडिंग हुई तो यह भी सरकार की विफलता’

अभिजीत दीपके ने उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा जा रहा है कि उनकी पार्टी या आंदोलन को विदेश से आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो यह देश की सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय गृह मंत्रालय की विफलता होगी।
दीपके ने कहा कि यदि किसी संगठन को विदेश से अवैध फंडिंग मिल रही है, तो इसकी जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसियों और गृह मंत्रालय की बनती है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
लोकतंत्र और संस्थाओं पर भी उठाए सवाल
दीपके ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की कई संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। साथ ही उन्होंने न्यायपालिका और अन्य संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सभी संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नए शिक्षा मंत्री पर भी साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने हाल ही में नियुक्त किए गए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दिए जा रहे संदेशों पर सवाल खड़े हो रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है।

दीपके ने सरकार पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कई अन्य आरोप भी लगाए और कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहेगा।
छात्रों के आंदोलन से जुड़ा है पूरा मामला
यह विवाद उस छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जिसमें जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल थी।
इस आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। बाद में उन्हें स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बदलाव किया और धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
छात्रों के प्रदर्शन और उस दौरान हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी के बाद अब अभिजीत दीपके के बयान से इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। वहीं, इन आरोपों पर केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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