Petrol Pump UPI Rule : पेट्रोल और डीजल भरवाने वाले ग्राहकों के बीच UPI पेमेंट को लेकर इन दिनों काफी चर्चा है। दरअसल, 15 अक्टूबर 2026 से कुछ बड़े UPI मर्चेंट पेमेंट पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होने जा रहा है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों से UPI इस्तेमाल करने के लिए सीधे कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।

Written by Kajal Panchal • Published on : 17 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : नए नियमों के तहत सामान्य Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन में ₹2,000 से ज्यादा की रकम पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। वहीं, फ्यूल जैसी कुछ विशेष कैटेगरी के लिए ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर फ्लैट ₹5 MDR निर्धारित किया गया है।
क्या पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट बंद हो जाएगी ?
नहीं। नए नियम का मतलब यह नहीं है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट बंद हो जाएगी।
₹2,000 तक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। वहीं, ₹2,000 से अधिक के फ्यूल पेमेंट पर पेट्रोल पंप के लिए ₹5 का MDR लागू होगा। इसलिए अगर कोई ग्राहक ₹1,500 या ₹2,000 का पेट्रोल या डीजल UPI से खरीदता है, तो इस नए फ्यूल MDR के दायरे में वह ट्रांजैक्शन नहीं आएगा।
15 अक्टूबर से क्या बदलेगा ?
NPCI के नए MDR ढांचे के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा मर्चेंट कैटेगरी में ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर शुल्क लागू होगा।
फ्यूल, रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और कुछ यूटिलिटी सेवाओं जैसी कैटेगरी में ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए फ्लैट ₹5 MDR का प्रावधान है। दूसरी ओर, सामान्य पात्र P2M मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी।
ग्राहक से सीधे ₹5 लिए जाएंगे ?
नए नियम में MDR ग्राहक से सीधे वसूलने के लिए नहीं है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि MDR मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर लागू होने वाला शुल्क है और ग्राहक से अलग से UPI ट्रांजैक्शन फीस लेने का प्रावधान नहीं है।

इसका मतलब है कि यदि कोई ग्राहक पेट्रोल पंप पर ₹3,000 का पेट्रोल भरवाकर UPI से भुगतान करता है, तो ₹5 MDR का प्रावधान पेट्रोल पंप के मर्चेंट पेमेंट पर लागू होगा। ग्राहक के UPI ऐप पर अलग से ₹5 का चार्ज जोड़ने की बात नहीं है।
फिर पेट्रोल पंप डीलर्स क्यों कर रहे विरोध ?
पेट्रोल पंप डीलर्स की चिंता मुख्य रूप से उनके मार्जिन और डिजिटल पेमेंट की लागत को लेकर है। उनका तर्क है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में डीलर का मार्जिन प्रति लीटर के आधार पर तय होता है। ऐसे में बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाला निश्चित शुल्क उनके खर्च को प्रभावित कर सकता है।
इसी वजह से पेट्रोलियम डीलर संगठनों की ओर से पेट्रोल पंपों को MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग उठाई गई है। डीलर्स का कहना है कि अगर बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर MDR का खर्च उन्हें ही वहन करना पड़ा, तो कम मार्जिन वाले कारोबार पर इसका असर पड़ सकता है।
क्या डीलर्स ₹2,000 से ज्यादा का UPI लेना बंद कर सकते हैं ?
कुछ पेट्रोल पंप डीलर्स ने ऐसी स्थिति में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की चेतावनी दी है। हालांकि, यह डीलर संगठनों की मांग और चेतावनी से जुड़ा मुद्दा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि 15 अक्टूबर से देश के सभी पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट बंद हो जाएगा।

यदि कोई पेट्रोल पंप ऐसी नीति अपनाता है, तो वहां ₹2,000 से अधिक के फ्यूल बिल के लिए ग्राहक से कैश भुगतान करने को कहा जा सकता है।
₹3,000 का पेट्रोल भरवाने पर क्या होगा ?
मान लीजिए किसी ग्राहक ने अपनी कार में ₹3,000 का पेट्रोल भरवाया। अगर संबंधित पेट्रोल पंप UPI स्वीकार करता है, तो फ्यूल कैटेगरी के तहत ₹5 MDR का प्रावधान होगा। यह शुल्क ग्राहक पर सीधे लगाने के लिए नहीं है।
वहीं, यदि कोई डीलर MDR की लागत को लेकर बड़े UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का फैसला करता है, तो ग्राहक को ₹3,000 का भुगतान कैश में करना पड़ सकता है।
₹2,000 तक UPI पेमेंट पर क्या असर होगा ?
₹2,000 तक के मर्चेंट UPI पेमेंट MDR से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा, Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन भी नए MDR के दायरे में नहीं हैं।
इसलिए रोजमर्रा के छोटे UPI भुगतानों पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
सरकार का क्या कहना है ?
सरकार के अनुसार नया MDR ढांचा UPI पेमेंट इकोसिस्टम को आर्थिक रूप से ज्यादा टिकाऊ बनाने, तकनीकी ढांचे और साइबर सुरक्षा में निवेश को समर्थन देने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक से सीधे वसूल किया जाने वाला शुल्क नहीं है।
वहीं, पेट्रोल पंप डीलर्स इस व्यवस्था में फ्यूल कैटेगरी को MDR से पूरी तरह बाहर रखने की मांग कर रहे हैं।
ग्राहकों के लिए जरूरी बात
15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नियमों को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि UPI पेमेंट पूरी तरह बंद नहीं हो रही है। ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट पर MDR नहीं होगा। फ्यूल कैटेगरी में ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर ₹5 का MDR मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू होगा।

इसलिए पेट्रोल भरवाते समय UPI को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर किसी पेट्रोल पंप ने बड़े UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपनी नीति अपनाई, तो ग्राहक को ऐसे भुगतान के लिए कैश का विकल्प रखना पड़ सकता है।
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