Haryana Dengue Alert : हरियाणा में डेंगू और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी और जागरूकता अभियान के बावजूद प्रदेश में डेंगू के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। इस साल अब तक राज्य में डेंगू के 903 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 800 से ज्यादा मामले पिछले करीब तीन महीनों के दौरान दर्ज किए गए हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 7 November 2026
IBN24 NEWS NETWORK : सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि पंचकूला, सोनीपत और करनाल जैसे जिलों में डेंगू के मामले अधिक सामने आए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की जांच में प्रदेश के करीब 1.41 लाख घरों में मच्छरों का लारवा मिलने की बात सामने आई है। नियमों का पालन नहीं करने पर करीब 69,498 लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर हरियाणा में डेंगू का खतरा इतना क्यों बढ़ रहा है और आपके जिले में कितने मामले सामने आए हैं?
हरियाणा में डेंगू के 903 मामले, तीन महीने में तेजी से बढ़े केस
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में इस साल अब तक डेंगू के 903 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, 6 अगस्त 2026 तक प्रदेश में डेंगू के केवल 105 मामले सामने आए थे। इसका मतलब है कि इसके बाद करीब तीन महीनों में 800 से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हुए हैं। यह बढ़ोतरी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

हालांकि, पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें तो इस बार स्थिति कुछ बेहतर दिखाई देती है। 1 जनवरी से 5 नवंबर 2025 तक हरियाणा में डेंगू के 1,982 मामले सामने आए थे। इसके मुकाबले इस साल अब तक मामले आधे से भी कम हैं। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों में मामलों की तेज बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
पंचकूला में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले, करनाल भी प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में डेंगू के मामले सामने आए हैं। पंचकूला इस सूची में पहले स्थान पर है। जिलावार स्थिति इस प्रकार है:

इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी डेंगू के मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक डेंगू से किसी मरीज की मौत की सूचना नहीं है।
डेंगू के साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले भी आए सामने
हरियाणा में केवल डेंगू ही नहीं, बल्कि दूसरी मच्छर जनित बीमारियां भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनी हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में इस साल अब तक मलेरिया के 168 और चिकनगुनिया के 10 मामले रिपोर्ट हुए हैं।

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मच्छरों से बचाव और घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है।
69,498 लोगों को नोटिस, 1.41 लाख घरों में मिला लारवा
डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रशासन ने अब सख्ती बढ़ा दी है। राज्य में नगरपालिका उप-नियम (VBD पर नियंत्रण)-2010 के तहत लापरवाही बरतने वाले लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 69,498 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 66,211 और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) ने 2,287 नोटिस जारी किए हैं। वहीं, प्रदेशभर में चलाए गए जांच अभियान के दौरान करीब 1 लाख 41 हजार घरों में मच्छरों का लारवा पाया गया। यह आंकड़ा बताता है कि घरों और आसपास के इलाकों में मच्छरों के पनपने की समस्या कितनी गंभीर है।
हेल्थ डीजी बोले- विभाग लगातार उठा रहा जरूरी कदम
हरियाणा के हेल्थ विभाग के डीजी डॉ. मनीष बंसल ने कहा कि मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विभाग लगातार जरूरी कदम उठा रहा है।

उन्होंने बताया कि लोगों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके बावजूद आमजन को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को घरों, छतों, कूलर, गमलों और पानी की टंकियों में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है।
डेंगू से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें ?
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। इसलिए केवल गंदगी ही नहीं, बल्कि घर में जमा साफ पानी भी खतरा बन सकता है।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और टंकी साफ रखें।
- गमलों, पुराने टायरों और खाली बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
- दिन के समय भी मच्छरों से बचाव करें।
- तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां न लें।
आपके जिले में भी बढ़ सकता है डेंगू का खतरा!
हरियाणा में 903 डेंगू केस, 168 मलेरिया के मामले और 10 चिकनगुनिया के मामले सामने आना स्वास्थ्य विभाग के लिए सतर्क रहने का संकेत है। खासकर पंचकूला, सोनीपत, करनाल, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, 1.41 लाख घरों में लारवा मिलने का आंकड़ा बताता है कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी अभियान से संभव नहीं है। इसके लिए हर परिवार को अपने घर और आसपास सफाई रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
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