Cyclone Murassu : चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। सोमवार रात करीब 1 बजे तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। वहीं, सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच इसने ओंगोल के पास तट पार किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिला है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 3 November 2026
IBN24 NEWS NETWORK : तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। ओडिशा के पांच जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं।
आंध्र प्रदेश में तूफान ने मचाई तबाही, कई इलाकों में भारी बारिश
चक्रवाती तूफान मुरासु के तट से टकराने के बाद विजयवाड़ा समेत आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण हजारों पेड़ उखड़ गए, जबकि सैकड़ों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा, कई जगहों पर नावों को भी नुकसान पहुंचा है।

भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, कई सड़कें पानी में डूब गईं और हाईवे पर वाहन फंस गए। मौसम विभाग ने गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा जताया है।
30 उड़ानें रद्द, पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात
तूफान का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट से 19 उड़ानें रद्द की गईं। इसके अलावा, चेन्नई से 11 फ्लाइट्स को भी कैंसिल करना पड़ा। इस तरह कुल 30 उड़ानों पर असर पड़ा है।

वहीं, राहत और बचाव कार्यों के लिए पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में मौजूद हैं। ये टीमें प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में जुटी हैं।
ओडिशा में 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
मुरासु तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने भी बड़े स्तर पर तैयारी की है। राज्य के पांच जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

इसके अलावा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी तूफान के प्रभाव की आशंका जताई गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
चार ट्रेनों के रूट बदले, विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन बंद
चक्रवाती तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। वहीं, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने चार ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं।

डायवर्ट की गई ट्रेनों की जानकारी इस प्रकार है:
- 12625 केरल एक्सप्रेस: तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली जाने वाली इस ट्रेन को रेनिगुंटा-येर्रागुंटला-नंद्याल-गुंटूर-विजयवाड़ा के रास्ते चलाया जा रहा है।
- 18638 हटिया एक्सप्रेस: बेंगलुरु से हटिया जाने वाली ट्रेन मंगलवार से बदले हुए रूट पर चलेगी।
- 22863 सुपरफास्ट एक्सप्रेस: हावड़ा से बेंगलुरु जाने वाली इस ट्रेन को गुंटूर-नंद्याल-येर्रागुंटला-रेनिगुंटा के रास्ते डायवर्ट किया गया है।
- 04131 स्पेशल ट्रेन: कानपुर सेंट्रल से बेंगलुरु जाने वाली इस ट्रेन को भी गुंटूर-नंद्याल-येर्रागुंटला-रेनिगुंटा के रास्ते चलाया जाएगा। यह ट्रेन चिराला, ओंगोल और नेल्लोर स्टेशन पर नहीं रुकेगी।
इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का रूट और ताजा स्थिति जरूर जांच लें।
अमित शाह ने CM चंद्रबाबू नायडू से की बात, केंद्र से मदद का भरोसा
चक्रवाती तूफान मुरासु से पैदा हुए हालात को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।

अमित शाह ने कहा कि NDRF और SDRF की टीमें पहले से ही प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मुश्किल घड़ी में आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
अनाव और मुरासु तूफान में क्या रहा अंतर ?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चक्रवात बनने की तारीख, लैंडफॉल का समय और हवा की रफ्तार के लिहाज से दोनों तूफानों में अंतर रहा। मुरासु तूफान की अधिकतम हवा की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि अनाव में यह 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची थी। वहीं, अनाव में हवा के झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई थी।
मौसम संबंधी तुलना के अनुसार, अनाव को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा गया था, जबकि मुरासु गंभीर चक्रवाती तूफान था। फिलहाल, मुरासु तूफान के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना, बिजली और सड़क व्यवस्था बहाल करना तथा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को दोबारा पटरी पर लाना है।
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