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Hooda Gets Angry : पंचकूला में सम्मेलन छोड़कर बाहर निकले भूपेंद्र हुड्डा, अधिकारियों में मची हलचल, फिर ऐसे माने पूर्व CM

Hooda Gets Angry : हरियाणा के पंचकूला में सोमवार को आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा होर्डिंग्स पर अपनी तस्वीर नहीं देखकर नाराज हो गए। उन्होंने इसे अपनी बेइज्जती बताते हुए कार्यक्रम छोड़ दिया। हालांकि, अधिकारियों और विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण की कोशिशों के बाद हुड्डा वापस सम्मेलन में लौट आए।

Hooda Gets Angry
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Written by Kajal Panchal • Published on : 2 November 2026

IBN24 NEWS NETWORK : यह सम्मेलन पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हरियाणा विधानसभा की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राज्यपाल प्रो. असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे।

होर्डिंग्स पर नहीं थी हुड्डा की तस्वीर, जताई नाराजगी

कार्यक्रम स्थल के बाहर लगाए गए होर्डिंग्स पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण, राज्यपाल असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तस्वीरें लगाई गई थीं। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तस्वीर इनमें शामिल नहीं थी।

Hooda Gets Angry
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अपनी तस्वीर नहीं देखकर हुड्डा ने कड़ी नाराजगी जताई और कार्यक्रम से बाहर निकलने लगे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा, “यह सरासर बदतमीजी है। मैं स्पेशल कार्यक्रम के लिए आया था।”

अधिकारियों ने मनाया, स्पीकर ने भी किया फोन

हुड्डा के कार्यक्रम छोड़कर जाने के बाद अधिकारी उन्हें मनाने के लिए पीछे पहुंचे। वहीं, विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने भी फोन पर उनसे बातचीत की। काफी देर तक मान-मनौव्वल के बाद हुड्डा वापस कार्यक्रम में लौटे।

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इसके बाद कार्यक्रम के स्टेज के बैकड्रॉप पर भी उनकी तस्वीर शामिल की गई। हुड्डा के बाहर निकलने के बाद कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा और आफताब अहमद भी कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गए थे।

सम्मेलन में 233 वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि हुए शामिल

इस सम्मेलन में हरियाणा की चार पीढ़ियों के जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया। कार्यक्रम में कुल 233 जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें 57 वर्तमान विधायक और 176 पूर्व विधायक शामिल थे।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग समय में हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर चुके जनप्रतिनिधियों के अनुभवों को साझा करना था। इसके अलावा संवैधानिक मूल्यों, हरियाणा की 65 साल की विकास यात्रा और विकसित हरियाणा के निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई।

CM नायब सैनी ने विपक्ष की भूमिका को बताया अहम

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक दलों की विचारधाराएं और रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन हरियाणा की तरक्की और लोगों की खुशहाली सभी का साझा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विधानसभा कानून बनाने, सरकारी खर्च को मंजूरी देने और सरकार को जवाबदेह बनाने का महत्वपूर्ण मंच है। इसलिए विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुनना लोकतंत्र की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान और पूर्व विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं के साथ संविधान संवाद आयोजित करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संविधान की चर्चा केवल सभागारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे गांवों, स्कूलों और बस्तियों तक पहुंचाना जरूरी है।

हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा के इतिहास का किया जिक्र

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में हरियाणा विधानसभा के इतिहास पर बात की। उन्होंने कहा कि विधानसभा की अपनी ऐतिहासिक विरासत है और आजादी से पहले भी विधानसभाएं होती थीं तथा चुनाव कराए जाते थे।

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हालांकि, उस समय प्रत्येक व्यक्ति को मतदान का अधिकार नहीं था। वोट देने के लिए इनकम टैक्स देना, जमीन का मालिक होना या निश्चित शैक्षणिक योग्यता जैसी शर्तें निर्धारित थीं। केवल इन शर्तों को पूरा करने वाले लोग ही मतदान कर सकते थे।

पांच पूर्व विधानसभा स्पीकर भी सम्मेलन में पहुंचे

कार्यक्रम में वर्तमान विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण के साथ पांच पूर्व स्पीकर भी शामिल हुए। इनमें भाजपा सरकार में स्पीकर रहे ज्ञानचंद गुप्ता और कंवर पाल गुर्जर, कांग्रेस सरकार में स्पीकर रहे कुलदीप शर्मा और डॉ. रघुवीर सिंह कादियान तथा इनेलो सरकार में स्पीकर रहे अशोक अरोड़ा शामिल थे। पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव भी सम्मेलन में पहुंचीं।

91 साल के पूर्व विधायक और सावित्री जिंदल भी रहीं मौजूद

सम्मेलन में प्रदेश के वरिष्ठ पूर्व विधायकों में शामिल 91 वर्षीय गणपत राय और ओपी भारद्वाज भी पहुंचे। गणपत राय 1967 में कांग्रेस के टिकट पर दादरी से विधायक बने थे, जबकि ओपी भारद्वाज 1987 में लोकदल के टिकट पर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।

वहीं, मौजूदा महिला जनप्रतिनिधियों में सबसे अधिक उम्र की सावित्री जिंदल (76 वर्ष) की मौजूदगी भी खास रही। इसके अलावा सात-सात बार विधायक रह चुके कैबिनेट मंत्री अनिल विज और कांग्रेस नेता डॉ. रघुवीर सिंह कादियान भी सम्मेलन में शामिल हुए। इस तरह हरियाणा की राजनीतिक विरासत और विकास यात्रा पर चर्चा के लिए आयोजित यह सम्मेलन भूपेंद्र सिंह हुड्डा की नाराजगी के कारण भी चर्चा में आ गया।

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