Himanshu Bhau Arrested in US : भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला हिमांशु भाऊ दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में आरोपी है। उसके खिलाफ 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरपोल ने 2023 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

Written by Kajal Panchal • Published on : 24 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी के बाद भारत प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
लास वेगास में बना रखा था ठिकाना, ऐसे पहुंची एजेंसियां
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमांशु भाऊ अमेरिका के लास वेगास में अपना ठिकाना बनाकर रह रहा था। दिल्ली और हरियाणा पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। इस दौरान तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया गया।

बताया गया है कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी लोकेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक अन्य भगोड़े नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़े जाने की खबर सामने आई है।
17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में रखा कदम
हिमांशु भाऊ की उम्र करीब 24 साल बताई जा रही है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का निवासी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने महज 17 साल की उम्र में रोहतक की सब्जी मंडी इलाके में कथित तौर पर जबरन वसूली के जरिए अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

इसके बाद उसका नाम कई आपराधिक घटनाओं में सामने आया। स्थानीय युवक सनी की हत्या के मामले के बाद वर्ष 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से करीब 20 अन्य लड़कों के साथ फरार हो गया था। बाद में उसके संपर्क जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना से होने की बात सामने आई। आरोप है कि इसके बाद हिमांशु ने अपना गिरोह खड़ा किया और व्यापारियों, शराब ठेकेदारों तथा प्रॉपर्टी कारोबारियों को निशाना बनाकर रंगदारी मांगने लगा।
24 घंटे में तीन हत्याओं के बाद चर्चा में आया
हरियाणा में वर्ष 2022 के दौरान 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं के मामलों में नाम सामने आने के बाद हिमांशु भाऊ पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया था। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में हुई कई आपराधिक घटनाओं में उसके गिरोह का नाम सामने आता रहा।
उस पर हत्या और हत्या की कोशिश समेत 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। हालांकि, इन मामलों में आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराधों के बीच अंतर करना जरूरी है।
एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा
हिमांशु भाऊ गैंग का नाम वर्ष 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ ने ली थी।

इसके अलावा, दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या और एक कार शोरूम पर गोलीबारी जैसी घटनाओं में भी उसके गिरोह का नाम सामने आने की बात कही गई है। इन घटनाओं के चलते दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क को लेकर पुलिस की चिंता बढ़ी थी।
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी
हिमांशु भाऊ के संबंध नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से बताए जाते हैं, जबकि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के गिरोह के साथ उसकी दुश्मनी की बात सामने आती रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसका नेटवर्क हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और राजस्थान तक फैला हुआ था। वह पुर्तगाल में भी रह चुका है और विदेश से गिरोह चलाने के आरोपों का सामना करता रहा है।
आरोप है कि उसके गिरोह के सदस्य वर्चुअल नंबर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबारियों से संपर्क करते थे और रंगदारी के लिए धमकियां देते थे। इस तरह की गतिविधियों की जांच में पुलिस और अन्य एजेंसियां तकनीकी निगरानी का सहारा लेती रही हैं।
इंटरपोल ने 2023 में जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस
हिमांशु भाऊ की तलाश दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस की एसटीएफ और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई एजेंसियां कर रही थीं। वर्ष 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
रेड कॉर्नर नोटिस का उद्देश्य किसी सदस्य देश में मौजूद वांछित व्यक्ति का पता लगाने और उसे अस्थायी गिरफ्तारी के लिए तलाशने में संबंधित देशों की पुलिस की मदद करना है। यह अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। अब अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियों के सामने आगे की कानूनी प्रक्रिया अहम होगी। इसमें प्रत्यर्पण से जुड़े कदम और संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
अब भारत लाने की प्रक्रिया पर नजर
हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसे भारत कब और किस कानूनी प्रक्रिया के तहत लाया जाएगा। इसके लिए अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के बीच औपचारिक कार्रवाई की जरूरत होगी।
फिलहाल, भारत प्रत्यर्पण की समयसीमा और आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यदि उसे भारत लाया जाता है, तो दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
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