Asian Games : एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। इस बार हिसार की बेटियां भी अपने खेल से देश और क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम की दीपिका सहरावत ने टूर्नामेंट में अब तक 11 गोल दागकर शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं भारतीय कबड्डी टीम में हिसार के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा ने लेफ्ट कवर की जिम्मेदारी संभाली।

Written by Kajal Panchal • Published on : 22 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इसके अलावा हसनगढ़ की निकिता नैन भी भारतीय सीनियर कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। वहीं गांव डाबड़ा के हॉकी खिलाड़ी संजय कालीरावण भी भारतीय टीम के अभियान में अपना योगदान दे रहे हैं।
दीपिका ने एक मैच में दागे आठ गोल
भारतीय महिला हॉकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया। इस मुकाबले में हिसार की दीपिका सहरावत ने अकेले आठ गोल दागकर शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इससे पहले दीपिका ने वर्ष 2024 में थाईलैंड के खिलाफ एक मुकाबले में पांच गोल किए थे। अब उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल करके उन्होंने नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया।

इसके बाद इंडोनेशिया के खिलाफ भी दीपिका ने तीन गोल किए और लगातार दूसरे मैच में हैट्रिक लगाई। इस तरह टूर्नामेंट में उनके नाम अब 11 गोल हो चुके हैं। दीपिका ने बताया कि उज्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में शुरुआती तीन-चार गोल तक उन्हें अपने स्कोर का अंदाजा था। इसके बाद उनका पूरा ध्यान खेल पर था और एक समय उन्हें यह भी पता नहीं था कि वह कितने गोल कर चुकी हैं। मैच समाप्त होने के बाद जब उन्हें आठ गोल करने की जानकारी मिली तो उन्हें काफी खुशी हुई। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पूरी टीम के सहयोग को दिया।
रिकॉर्ड से ज्यादा गोल्ड मेडल पर नजर
दीपिका के लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड खास है, लेकिन उनका मुख्य लक्ष्य टीम के साथ गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड बनाने की खुशी है, लेकिन अब उनका ध्यान आगामी मुकाबलों और टीम के बेहतर प्रदर्शन पर है।
दीपिका ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें हार नहीं मानने की सीख दी है। मैदान पर उतरते समय यही बात उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। खास बात यह भी है कि एशिया कप से पहले चोट के कारण दीपिका करीब आठ महीने तक हॉकी से दूर रही थीं। वापसी के बाद उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

गांव से शुरू हुआ मनीषा का कबड्डी सफर
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सोमवार को अपने एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ जीत के साथ की। भारत ने बांग्लादेश को 42-21 से हराया। इस मुकाबले में हिसार के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा ने लेफ्ट कवर से डिफेंडर की भूमिका निभाई।
मनीषा के पिता राजपाल खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने बताया कि मनीषा ने वर्ष 2017 में गांव से ही कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। परिवार में छह भाई-बहन हैं। मनीषा इससे पहले चीन में आयोजित बीच कबड्डी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया है।
निकिता नैन को अगले मैच में मौका मिलने की उम्मीद
हसनगढ़ की निकिता नैन भी भारतीय सीनियर कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ पहले मुकाबले में उन्हें प्लेइंग-7 में जगह नहीं मिली। निकिता के कोच संदीप को उम्मीद है कि आगामी मुकाबलों में उन्हें मैदान पर खेलने का मौका मिल सकता है।
कोच के अनुसार, निकिता ने महज आठ साल की उम्र में हसनगढ़ के सरकारी स्कूल से कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। अंडर-18 स्तर पर वह भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। अंडर-18 में शानदार प्रदर्शन के बाद निकिता ने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई। उनके पिता अनिल कुमार किसान हैं। निकिता सात भाई-बहनों में से एक हैं और उनकी दो बहनें भी कबड्डी खेलती हैं।
संजय कालीरावण के प्रदर्शन से डाबड़ा में खुशी
गांव डाबड़ा के रहने वाले भारतीय हॉकी खिलाड़ी संजय कालीरावण ने भी एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबले में अपना योगदान दिया। इंडोनेशिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने कई शानदार पास दिए और टीम के खेल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब भारतीय हॉकी टीम मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। संजय के प्रदर्शन को लेकर उनके गांव डाबड़ा में भी उत्साह का माहौल है।
संजय के मैच के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और लड्डू बांटकर खुशी जताई। उनके कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि संजय ने महज सात साल की उम्र में उनके पास हॉकी खेलना शुरू किया था। गांव के कच्चे मैदान से हॉकी का सफर शुरू करने वाले संजय ने अब एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच तक अपनी जगह बनाई है।
हिसार के खिलाड़ियों पर टिकी नजर
एशियन गेम्स में हिसार और आसपास के खिलाड़ियों का प्रदर्शन स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए भी खास महत्व रखता है। दीपिका सहरावत के 11 गोल, मनीषा की कबड्डी में जिम्मेदारी, निकिता नैन का भारतीय टीम में चयन और संजय कालीरावण का हॉकी में प्रदर्शन क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है।
अब आगामी मुकाबलों में इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर हिसार सहित पूरे हरियाणा की नजर रहेगी।
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