NEET Student Suicide : महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी अंकिता सांगले ने रविवार को अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्रा ने परीक्षा में अपेक्षित सफलता न मिलने और मानसिक तनाव का जिक्र किया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 27 July 2026
IBN24 News Network : बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए NEET री-एग्जाम में अंकिता को 166 अंक मिले थे, जबकि कटऑफ 177 अंक था। इसी वजह से वह काफी समय से मानसिक दबाव में थी।
सुसाइड नोट में क्या लिखा ?

पुलिस के अनुसार, अंकिता ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं कर सकी।
नोट में उसने यह भी लिखा कि:
- री-एग्जाम में उसे 166 अंक मिले।
- कटऑफ 177 अंक होने से उसका चयन नहीं हो पाया।
- उसके इस कदम के लिए माता-पिता और भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
- भाई से माता-पिता का ध्यान रखने की अपील की।
अंकिता ने लिखा कि उसके माता-पिता ने उसके लिए काफी त्याग किया, लेकिन वह उनका सपना पूरा नहीं कर सकी।
कमरे में पढ़ाई कर रही थी, काफी देर तक बाहर नहीं आई

परिजनों के अनुसार, घटना से पहले अंकिता अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर उसकी मां ने दरवाजा खोला। अंदर अंकिता मृत अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अंकिता के पिता सुरेश सांगले ने बताया कि उनकी बेटी ने NEET परीक्षा की अच्छी तैयारी की थी और शुरुआती परीक्षा में उसके अच्छे अंक आए थे। हालांकि, परीक्षा से जुड़े विवादों और री-एग्जाम के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगी थी।
उन्होंने कहा कि परिवार को उम्मीद थी कि अंकिता डॉक्टर बनेगी, लेकिन मानसिक दबाव ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
CJP आंदोलन खत्म होने के बाद पहला मामला
NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। बताया जा रहा है कि 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त होने के बाद यह पहला आत्महत्या का मामला सामने आया है।
77 दिनों में 23 छात्रों की मौत
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, NEET परीक्षा और उससे जुड़े तनाव के बीच पिछले 77 दिनों में देशभर में 23 छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों की रिपोर्ट महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों से सामने आई है।
इससे पहले गुजरात में भी सामने आया था मामला
18 जून को गुजरात के सूरत में 17 वर्षीय कहान पटेल ने भी आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का दावा था कि वह NEET परीक्षा से जुड़े तनाव और पेपर लीक की खबरों के बाद मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था।
मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा परिणामों के साथ-साथ छात्रों को समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है।
Disclaimer : यह समाचार उपलब्ध जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। आत्महत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





