CJP Demands Dharmendra Pradhan Resignation : पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरे दौर की बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 25 July 2026
IBN24 News Network : बैठक से पहले CJP ने साफ कर दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की सबसे बड़ी और गैर-समझौतावादी मांग है। पार्टी का कहना है कि यदि इस मुद्दे पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है तो आगे की बैठकों का कोई औचित्य नहीं रहेगा और संगठन अपने आंदोलन को अगले चरण में ले जाएगा।
दीपके ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

CJP के संस्थापक दीपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को जेल में बदल दिया है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए दिल्ली के लोगों का जीना मुश्किल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग का इस्तेमाल किया गया, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी बैठक में किन मुद्दों पर बनी सहमति ?
शुक्रवार को सरकार और CJP के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। इन सभी बिंदुओं पर चर्चा जारी है।

वहीं, CJP का दावा है कि सरकार ने पेपर लीक से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने तथा आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
पार्टी प्रवक्ता ने क्या कहा ?
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बैठक के बाद कहा कि मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। उन्हें उम्मीद है कि इन मुद्दों पर सरकार जल्द ही लिखित सहमति भी दे सकती है।

हालांकि उन्होंने दोहराया कि आंदोलन का मूल उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। रंका ने कहा कि यदि सरकार इस मांग पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है तो आगे की बैठकों का कोई विशेष महत्व नहीं रहेगा और पार्टी अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगी।
तीसरी बैठक पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजर शनिवार दोपहर प्रस्तावित तीसरी बैठक पर है। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है। यदि इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनती है तो जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- पेपर लीक से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा।
- प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेना।
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करना।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





