PM Modi Midnight Message on Paper Leak : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 12 बजे छात्रों के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। करीब 2 मिनट 56 सेकेंड के इस संदेश में उन्होंने देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इस समस्या को खत्म करने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने जा रही है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 24 July 2026
IBN24 News Network : प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली अपराध नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही एक ऐसा कानून लाने जा रही है, जिसमें दोषियों के लिए कठोर सजा और मामलों की त्वरित सुनवाई का प्रावधान होगा।
कैबिनेट में होगी चर्चा, संसद में आएगा नया बिल
पीएम मोदी ने बताया कि संबंधित विभागों ने कानून का मसौदा तैयार कर लिया है। शुक्रवार को इस मसौदे पर केंद्रीय कैबिनेट में चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उनका कहना था कि दोषियों को जल्द सजा मिलना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
पीएम मोदी ने क्या कहा ?
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि: “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद पीड़ादायक है। पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई कदम उठाए हैं। दोषियों को गिरफ्तार किया गया है और वे जेल में हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सख्त कानून लागू करेगी।
राहुल गांधी ने साधा निशाना
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “आधी रात का बेकार वीडियो” बताया।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षा मंत्री को हटाने, छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की।
CJP ने भी शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग की
परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार की सबसे सख्त कार्रवाई यही होगी कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए।
यह पूरा विवाद 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा में कथित पेपर लीक से जुड़ा है। इस मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में छापेमारी की गई है। अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसी जल्द चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
पिछले चार दिनों में पीएम मोदी के दो बड़े बयान
21 जुलाई

एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पेपर लीक घोर पाप है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
23 जुलाई
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
केंद्र सरकार ने गुरुवार को नौकरशाही में बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षा मंत्रालय के दोनों प्रमुख विभागों में नए सचिव नियुक्त किए।
- नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया।
- टी.के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बनाया फास्ट ट्रैक कोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया है।

इन मामलों की सुनवाई अब विशेष न्यायाधीश द्वारा की जाएगी ताकि फैसले जल्द हो सकें।
क्या है पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 ?

यह देश का पहला केंद्रीय एंटी-पेपर लीक कानून है।
इस कानून की प्रमुख बातें:
- राष्ट्रपति की मंजूरी: 12 फरवरी 2024
- पूरे देश में लागू: 21 जून 2024
- पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना
- संगठित गिरोह शामिल होने पर 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना
- परीक्षा एजेंसी दोषी पाए जाने पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और 4 साल तक परीक्षा आयोजित करने पर रोक
- अपराध गैर-जमानती होगा।
- जांच केवल DSP या उससे वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधी रात जारी वीडियो संदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार पेपर लीक के मामलों पर और अधिक सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और त्वरित कार्रवाई के जरिए सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बहाल करने का प्रयास कर रही है। वहीं विपक्ष और छात्र संगठनों की ओर से सरकार और शिक्षा मंत्री पर राजनीतिक दबाव भी लगातार बना हुआ है।
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