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Onion Prices Rise 82% : 3 महीने में 82% महंगा हुआ प्याज, ₹30 से बढ़कर ₹54 किलो, महाराष्ट्र-कर्नाटक से सप्लाई घटी, आपके शहर में कितना महंगा है प्याज ?

Onion Prices Rise 82% : देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। जून की शुरुआत में जहां प्याज का औसत खुदरा भाव करीब 29.50 रुपये प्रति किलो था, वहीं 17 सितंबर तक यह बढ़कर 53.78 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। इस तरह करीब साढ़े तीन महीने में प्याज के खुदरा भाव में लगभग 82.3% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

Onion Prices Rise 82%
Onion Prices Rise 82%

Written by Kajal Panchal • Published on : 21 September 2026

IBN24 NEWS NETWORK : थोक बाजार में भी प्याज की कीमतों में बड़ी तेजी देखी गई। 1 जून को प्याज का औसत थोक भाव करीब 22.60 रुपये प्रति किलो था। 10 सितंबर को यह बढ़कर 46.20 रुपये और 17 सितंबर को करीब 45.68 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। यानी जून के मुकाबले थोक भाव लगभग दोगुने स्तर तक पहुंच गए।

महाराष्ट्र और कर्नाटक से सप्लाई में कमी

प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे महाराष्ट्र और कर्नाटक से आने वाली सप्लाई में कमी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। महाराष्ट्र में गर्मियों की प्याज की फसल को नुकसान पहुंचने के बाद आवक प्रभावित हुई है। वहीं, कर्नाटक से भी बाजारों में प्याज की सप्लाई कम हुई है।

इसके अलावा नई खरीफ फसल की आवक में देरी होने से भी मंडियों में उपलब्धता पर असर पड़ा है। पुरानी फसल का स्टॉक कम होने और नई फसल की पर्याप्त आवक नहीं होने के बीच मांग पूरी करना बाजार के लिए चुनौती बन गया है।

आखिर प्याज इतना महंगा क्यों हुआ ?

प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा कारण फसल और सप्लाई का चक्र है। पुरानी फसल का स्टॉक धीरे-धीरे समाप्त होता है, जबकि नई खरीफ फसल बाजार में आने में समय लेती है।

Onion Prices Rise 82%

इसके अलावा बारिश के कारण परिवहन और सप्लाई चेन प्रभावित होने पर भी मंडियों तक प्याज पहुंचने में देरी हो सकती है। त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने से भी कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

अगस्त से जनवरी तक क्यों बदलते हैं प्याज के भाव ?

प्याज की कीमतों में साल के अलग-अलग समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। अगस्त से सितंबर के दौरान कई बार पुरानी फसल का स्टॉक कम होने और नई फसल की आवक में अंतर के कारण बाजार में सप्लाई प्रभावित होती है।

रक्षाबंधन, गणेश उत्सव और अन्य त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने से प्याज की मांग पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, बारिश के मौसम में परिवहन प्रभावित होने पर मंडियों तक माल पहुंचने में देरी होती है। नई खरीफ फसल की आवक शुरू होने के बाद बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना रहती है।

सरकार प्याज के दाम कम करने के लिए क्या करती है ?

प्याज की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने पर सरकार बफर स्टॉक का इस्तेमाल कर सकती है। इसके तहत पहले से खरीदे गए प्याज को बाजार में उतारकर उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने का प्रयास किया जाता है।

Onion Prices Rise 82%
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सरकार जरूरत के अनुसार प्याज के निर्यात से जुड़ी नीतियों में भी बदलाव कर सकती है। घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात पर टैक्स या अन्य नियामकीय कदम उठाए जा सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में सरकारी एजेंसियों के माध्यम से सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की कोशिश भी की जाती है। हालांकि, इसका असर स्थानीय बाजार और उपलब्ध स्टॉक के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

क्या जल्द सस्ता होगा प्याज ?

नई खरीफ फसल की आवक बढ़ने और बाजार में सप्लाई बेहतर होने पर प्याज की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, कीमत कितनी और कितनी तेजी से घटेगी, यह फसल की आवक, मौसम, मांग और मंडियों में उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल प्याज के बढ़े हुए दाम ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाया है। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक और सरकारी कदमों पर बाजार की नजर रहेगी।

एक नजर में प्याज की कीमतों में बदलाव

तारीखखुदरा/थोक औसत भाव
1 जूनखुदरा ₹29.50/kg
1 जूनथोक ₹22.60/kg
10 सितंबरथोक ₹46.20/kg
17 सितंबरखुदरा ₹53.78/kg
17 सितंबरथोक ₹45.68/kg

आम आदमी की जेब पर कितना असर ?

प्याज भारतीय घरों की रोजमर्रा की रसोई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसकी कीमत में बड़ी बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है। खासकर ऐसे समय में जब सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम भी ऊपर-नीचे हो रहे हों, प्याज की महंगाई परिवारों के मासिक खर्च को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि, अगर नई फसल की आवक उम्मीद के मुताबिक बढ़ती है और मंडियों में सप्लाई सामान्य होती है, तो आने वाले समय में कीमतों में राहत देखने को मिल सकती है।

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