Nepal Flood Death Toll Reaches 1127 : नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1127 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4800 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 500 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 2 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी उतरने के बाद भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा हो गया है। इसके कारण राहतकर्मियों को लापता लोगों की तलाश में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बल और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ नदियों के निचले हिस्सों में भी लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1127 पहुंचा, 4858 लोग लापता
नेपाल में बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 1127 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से 9 शव भारत में मिले हैं।

वहीं करीब 4858 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों में लगभग 500 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। कई परिवार अभी भी अपने परिजनों के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है।
एक लड़की ने खोए परिवार के 17 सदस्य
इस भीषण आपदा ने कई परिवारों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। एक नेपाली लड़की ने बताया कि उसने इस आपदा में अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया।

बाढ़ प्रभावित बिदुर इलाके में कई विस्थापित परिवार अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद लोगों में दोबारा बाढ़ आने का डर बना हुआ है। प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी चिंता लापता परिजनों की तलाश और उनके बारे में सही जानकारी मिलने को लेकर है।
करीब 100 चीनी नागरिक भी लापता
नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कई विदेशी नागरिक भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

नेपाल और चीन के प्रभावित परिवार अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट और सही जानकारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
भारत ने भेजी नेपाल के लिए पांचवीं राहत उड़ान
नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने राहत और बचाव सहायता बढ़ा दी है। भारत की ओर से पांचवीं राहत उड़ान नेपाल के लिए रवाना की गई है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। इस उड़ान में 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम, आधुनिक बचाव उपकरण और करीब 5.5 टन आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं।

इससे पहले भारत चार राहत उड़ानों के जरिए नेपाल को करीब 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इसमें दवाइयां, खाद्य सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।
राहत के लिए काठमांडू पहुंचे सोनू सूद
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद भी काठमांडू पहुंचे। उन्होंने राहत सामग्री वितरित करने के साथ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

सोनू सूद ने कहा कि उनकी टीम बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने और उनकी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम आने वाले महीनों में भी नेपाल में राहत सहायता जारी रखने का प्रयास करेगी।
अज्ञात शवों को जलाने की बजाय दफनाया जा रहा
बाढ़ के बाद बरामद किए गए कई अज्ञात शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पानी और कीचड़ में लंबे समय तक दबे रहने के कारण शवों की स्थिति खराब हो चुकी है।

DNA जांच के जरिए भविष्य में शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कई अज्ञात शवों को जलाने के बजाय दफनाया जा रहा है। इससे शवों के अवशेष सुरक्षित रखने और बाद में DNA जांच के जरिए पहचान करने में मदद मिल सकती है। वहीं शवगृह और अस्थायी शव रखने वाले केंद्रों में भी बड़ी संख्या में शव पहुंचने के कारण दबाव बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश में मिले नेपाल के 5 नागरिकों के शव
नेपाल की बाढ़ में बहकर भारत पहुंचे लोगों के शव भी बरामद किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से नेपाल के पांच नागरिकों के शव मिले।

मंगलवार को इन शवों को सोनौली सीमा पर नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। मृतकों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। बताया गया है कि ये लोग नेपाल में आई अचानक बाढ़ के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गए थे।
अभी भी जारी है बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन
नेपाल में बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी हजारों लोगों के लापता होने से राहत और बचाव एजेंसियों की चुनौती कम नहीं हुई है। मलबे, कीचड़ और नदियों के आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन के सामने एक ओर लापता लोगों को खोजने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थान, भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी है। प्रभावित परिवारों को अब अपने लापता परिजनों के मिलने और इस भीषण आपदा से उबरने का इंतजार है।
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