Geetu Ram Tanwar Death Case : हरियाणा के करनाल में बिजली निगम के सस्पेंडेड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) गीतू राम तंवर की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सुबह DAV स्कूल के पास कार में मिला। पुलिस के अनुसार, शव के पास 4 पेज का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें एक IAS अधिकारी, 3 XEN और 3 SDO समेत 7 अधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 31 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : गीतू राम तंवर की मौत उस दिन हुई, जिस दिन उन्हें बिजली निगम की सेवा से रिटायर होना था। घटना के बाद परिवार में मातम है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुबह घर से निकले थे गीतू राम तंवर
परिजनों के मुताबिक, गीतू राम तंवर सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। कुछ समय बाद उन्होंने परिवार को फोन किया और कहा कि वह अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आ रहे हैं।
इसके कुछ देर बाद उनका शव कार में मिला। परिजनों के मुताबिक, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। शुरुआती जानकारी में जहर खाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने घटनास्थल से 4 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट बरामद किया है।
कथित सुसाइड नोट में IAS समेत 7 अधिकारियों के नाम
पुलिस के अनुसार, नोट में एक IAS अधिकारी के अलावा 3 XEN और 3 SDO के नाम लिखे होने की बात सामने आई है। कथित नोट में गीतू राम ने कुछ अधिकारियों पर रंजिश रखने और उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके अधीन काम करने वाले अधिकारी उनके निर्देशों का पालन नहीं करते थे और उन्हें बॉस नहीं मानते थे।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक नोट में लगाए गए आरोपों को सही या गलत नहीं ठहराया है। इसकी जांच की जा रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग का दावा
कथित सुसाइड नोट में हरियाणा सरकार से मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग किए जाने की बात सामने आई है। नोट में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया है, उनके खिलाफ जांच हो और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाए। नोट के अंत में उनकी पत्नी पूनम के नाम एक संदेश होने की भी जानकारी सामने आई है।
रिटायरमेंट वाले दिन हुई मौत

गीतू राम तंवर की उम्र 58 साल बताई जा रही है। सोमवार को ही उनका रिटायरमेंट होना था। ऐसे में सेवा के आखिरी दिन उनकी मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। गीतू राम के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी MBBS डॉक्टर है, जबकि छोटी बेटी निति इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। बेटा स्वास्तिक कॉलेज में पढ़ रहा है।
5 महीने पहले जाट समाज पर टिप्पणी वाला वीडियो हुआ था वायरल
गीतू राम तंवर करीब पांच महीने पहले एक वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में आए थे। वीडियो सोनीपत में उनकी पोस्टिंग के दौरान बनाया गया बताया गया था। वीडियो में उन्होंने जाट समाज को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया था और विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
इसके बाद हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) के MD की ओर से उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया गया था। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण गीतू राम मानसिक दबाव में थे। हालांकि, उनकी मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
वायरल वीडियो में क्या कहा गया था ?
वायरल वीडियो 22 दिसंबर 2025 का बताया गया था। यह वीडियो सोनीपत DC कैंप ऑफिस से संबंधित बताया गया। वीडियो में गीतू राम ने अधिकारियों की बैठक और जातिगत भेदभाव से जुड़े मुद्दों पर बात की थी। उन्होंने ACR और अधिकारियों के बीच कथित मतभेदों का भी जिक्र किया था।
वीडियो में उन्होंने जातिवाद को लेकर कई टिप्पणियां की थीं। इसी दौरान उन्होंने जाट और झोटा को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। वीडियो सामने आने के बाद मामला काफी विवादित हो गया था।
विभागीय अधिकारियों ने की थी शिकायत
गीतू राम तंवर के खिलाफ सोनीपत सर्कल के कुछ विभागीय अधिकारियों ने शिकायत भी की थी। शिकायत करने वालों में XEN रणवीर देशवाल, XEN अश्वनी कौशिक, गन्नौर के SDO सतीश गोयत और सिटी सब डिवीजन के SDO प्रदीप खोखर के नाम सामने आए थे। इन अधिकारियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री, विभाग के MD और पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी।
अधिकारियों ने लगाए थे गंभीर आरोप
शिकायत में अधिकारियों ने गीतू राम पर कथित तौर पर जबरन बिल बनवाने का दबाव डालने, गाली-गलौज करने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि बैठकों में अधिकारियों को कथित तौर पर ‘मुगल’ और ‘औरंगजेब’ जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता था। अधिकारियों ने अपनी शिकायत के साथ कथित तौर पर कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सबूत के तौर पर पेश किया था।
गीतू राम ने कार्रवाई पर उठाए थे सवाल
दूसरी ओर, गीतू राम तंवर ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर सफाई दी थी। उन्होंने दावा किया था कि वायरल वीडियो करीब पांच-छह महीने पुराना था और उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा था।
उनका आरोप था कि बिना उचित जांच के उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और वास्तविक तथ्यों को सामने नहीं रखा गया। उन्होंने इसे अपने साथ अन्याय बताया था।
अब पुलिस जांच में कई सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे
गीतू राम तंवर की मौत के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। कथित सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम लिखे गए हैं, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है? क्या विभागीय विवाद और निलंबन का उनकी मौत से कोई संबंध था? और क्या मौत से पहले उन पर किसी तरह का दबाव था?
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कथित सुसाइड नोट को जांच का हिस्सा बनाया गया है और उसमें लिखे आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। मौत की अंतिम वजह और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
नोट: इस रिपोर्ट में सुसाइड नोट और संबंधित पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों को आरोप या दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
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