Lucknow Kanpur Expressway : उद्घाटन के 12 दिन बाद ही धंसा 4200 करोड़ का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, क्या बारिश ही वजह है या निर्माण में हुई चूक ?उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 12 दिन बाद ही सड़क धंसने का मामला सामने आया है। उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई और बारिश का पानी भर गया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 27 July 2026
IBN24 News Network : घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया और अब सड़क को पूरी तरह ठीक किए जाने का दावा किया है।
13 जुलाई को हुआ था उद्घाटन

करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को किया गया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क के एक हिस्से के धंसने की घटना ने परियोजना की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश के बीच धंसा सड़क का हिस्सा

बताया जा रहा है कि उन्नाव जिले के कोरारी गांव के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन में करीब 5 से 7 मीटर तक सड़क की ऊपरी परत क्षतिग्रस्त हो गई। लगातार बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया, जिसके बाद यह हिस्सा धंसता हुआ दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
NHAI ने क्या कहा ?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि सड़क का प्रभावित हिस्सा भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुआ था। NHAI के अनुसार, “कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर-64 के पास प्रभावित हिस्से की मरम्मत सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है और अब यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।” प्राधिकरण ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, गुणवत्ता और निर्बाध यातायात उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
26 जुलाई को शुरू हुआ मरम्मत कार्य

सड़क धंसने का वीडियो सामने आने के बाद 26 जुलाई को संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया। NHAI के अनुसार अब क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी हो चुकी है और एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की खासियत

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे आधुनिक सड़क परियोजनाओं में से एक माना जाता है।
मुख्य विशेषताएं:
- कुल लंबाई : 63 किलोमीटर
- निर्माण लागत : 4200 करोड़ रुपये
- 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
- अधिकतम गति सीमा : 120 किमी प्रति घंटा
- यात्रा समय : 2 घंटे से घटकर 35-45 मिनट
- 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन
- भारत का पहला पूरी तरह बैरियर-फ्री एलिवेटेड एक्सप्रेसवे
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
हालांकि NHAI ने सड़क धंसने की वजह भारी बारिश को बताया है और मरम्मत पूरी होने का दावा किया है, लेकिन उद्घाटन के मात्र 12 दिन बाद ही सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में विस्तृत तकनीकी जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नुकसान केवल बारिश की वजह से हुआ या निर्माण से जुड़े अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाना है। हालांकि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की घटना ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल NHAI ने मरम्मत पूरी होने और यातायात सामान्य होने की जानकारी दी है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गुणवत्ता और निगरानी पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होगा।
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