Sonam Wangchuk Medanta Hospital : दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन के बीच मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन्हें तुरंत मेदांता ले जाया जाए और सफदरजंग अस्पताल उनके इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड नए अस्पताल को सौंपे।

Written by Kajal Panchal • Published on : 21 July 2026
IBN24 News Network : साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉक्टरों का एक विशेषज्ञ पैनल बनाएंगे, जो सोनम वांगचुक के आगे के इलाज और स्वास्थ्य की निगरानी करेगा। यह आदेश वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर दिया गया।
18 जुलाई से अस्पताल में भर्ती, 28 जून से अनशन जारी

सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। 18 जुलाई को अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए उन्हें पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी जारी प्रदर्शन
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। दोपहर तक हजारों आंदोलनकारी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे। सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों को नाश्ता भी वितरित किया।

जब सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले सोमवार देर शाम संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर खाली करा दिया था, लेकिन देर रात आंदोलनकारी फिर से वहां जुट गए।
CJP का आरोप- छात्रों का खून बहाया गया
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन ने मंगलवार को संसद मार्च नहीं निकालने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि पुलिस कार्रवाई में छात्रों के साथ बर्बरता हुई।
उन्होंने कहा, “सरकार और पुलिस ने छात्रों का खून बहाया है। उन्हें छात्रों की कोई परवाह नहीं है, लेकिन हमें है।”
सोनम बोले- अनशन जारी रहेगा

सोनम वांगचुक ने भी स्पष्ट किया कि पुलिस कार्रवाई देखने के बाद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के विरोध में उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।
पेपर लीक पर संसद के भीतर भी गरमाई राजनीति
इस पूरे विवाद के बीच संसद में भी पेपर लीक का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने लगाए गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
अखिलेश ने दावा किया कि डॉक्टरों ने बताया है कि कई छात्रों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही “सबका साथ, सबका विकास” है?
फिलहाल क्या है स्थिति?
- दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की मंजूरी दी।
- मेदांता में डॉक्टरों का विशेष पैनल उनके इलाज की निगरानी करेगा।
- जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन 32वें दिन भी जारी है।
- प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई के खिलाफ लगातार विरोध कर रहे हैं।
- पेपर लीक को लेकर संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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