Smart Meter Haryana : हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में सभी नए बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार बिजली वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 2 June 2026
IBN24 News Network : चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में स्मार्ट मीटरिंग, बिजली घाटे में कमी, बढ़ती मांग और सौर ऊर्जा विस्तार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर देने की तैयारी
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ दिए जाएंगे। ये मीटर आधुनिक तकनीक से लैस होंगे और भविष्य में सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ भी आसानी से जोड़े जा सकेंगे।
स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बिजली चोरी तथा गलत बिलिंग जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी प्रीपेड मीटरिंग
बैठक के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने प्रीपेड मीटरिंग सिस्टम की समीक्षा करते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।

योजना के अनुसार पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के आवासों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं और अन्य श्रेणियों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और राजस्व संग्रह में सुधार आएगा।
बिजली घाटा खत्म करने पर जोर
समीक्षा बैठक में मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में होने वाले घाटे को कम करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान कम करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस करीब 34 प्रतिशत था, जिसमें पिछले वर्षों के दौरान उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
हरियाणा के पास मांग से ज्यादा बिजली उपलब्ध
बैठक में राज्य की वर्तमान और भविष्य की बिजली जरूरतों का भी आकलन किया गया। अधिकारियों के अनुसार हरियाणा के पास इस समय 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है।
वहीं चालू वर्ष में प्रदेश की अधिकतम बिजली मांग करीब 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। यानी फिलहाल राज्य के पास मांग से अधिक बिजली उपलब्ध है।
हालांकि भविष्य को देखते हुए सरकार ने दीर्घकालिक योजना बनानी शुरू कर दी है। अनुमान है कि वर्ष 2029-30 तक बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
बिजली उपलब्धता बनाम मांग
| विवरण | क्षमता |
|---|---|
| कुल उपलब्ध बिजली | 16,552 मेगावाट |
| 2025 की अनुमानित अधिकतम मांग | 16,454 मेगावाट |
| उपलब्धता का अंतर | 98 मेगावाट |
| 2029-30 की अनुमानित मांग | 19,481 मेगावाट |
‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना बनी मॉडल
केंद्रीय मंत्री ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह हरियाणा की सबसे सफल बिजली योजनाओं में से एक है।
वर्तमान में राज्य के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। कुछ वर्ष पहले तक यह स्थिति नहीं थी, लेकिन लगातार निवेश और बेहतर प्रबंधन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में बड़ा सुधार हुआ है।
सौर ऊर्जा पर सरकार का बड़ा फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में इस वर्ष 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक करीब 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार सौर ऊर्जा अपनाएं, जिससे उनके बिजली बिल में कमी आए और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले।
क्या बदल जाएगा उपभोक्ताओं के लिए ?
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग और प्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं को कई फायदे मिल सकते हैं।
- बिजली खपत की रियल-टाइम जानकारी
- अनुमानित बिलिंग की समस्या में कमी
- बिजली चोरी पर नियंत्रण
- तेज शिकायत निवारण
- सौर ऊर्जा के साथ बेहतर एकीकरण
- वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार
हरियाणा सरकार बिजली क्षेत्र में बड़े तकनीकी बदलाव की तैयारी कर रही है। स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटरिंग, सौर ऊर्जा विस्तार और बिजली वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण जैसे कदम आने वाले वर्षों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं। अब देखना होगा कि इन योजनाओं का लाभ उपभोक्ताओं तक कितनी तेजी से पहुंचता है और क्या स्मार्ट मीटर वास्तव में बिजली बिलिंग और वितरण से जुड़ी पुरानी समस्याओं का समाधान बन पाते हैं।
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