Ram Rahim Out of Jail Again : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को 21 दिन की फरलो मंजूर हुई है। मंगलवार, 25 अगस्त 2026 की सुबह करीब 6:05 बजे वह कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से बाहर निकला और सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ।

Written by Kajal Panchal • Published on : 25 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : यह 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद राम रहीम की पैरोल या फरलो पर 17वीं अस्थायी रिहाई है। इस साल जनवरी में उसे 40 दिन की पैरोल और मई में 30 दिन की पैरोल मिली थी। मई वाली पैरोल पूरी होने के बाद वह जून के अंत में वापस जेल पहुंचा था। अब करीब दो महीने बाद वह फिर जेल से बाहर आया है।
सुबह 6:05 बजे सुनारिया जेल से निकला
राम रहीम मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जेल से बाहर निकलने के बाद वह सिरसा स्थित अपने डेरे के लिए रवाना हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस फरलो के दौरान उसे सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहने की अनुमति है। इससे पहले भी हाल की कुछ अस्थायी रिहाइयों के दौरान उसे सिरसा डेरा में रहने की अनुमति मिली थी।
इस साल तीसरी बार जेल से बाहर
2026 में राम रहीम की यह तीसरी अस्थायी रिहाई बताई जा रही है। जनवरी में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद मई में 30 दिन की पैरोल मंजूर हुई। अब अगस्त में 21 दिन की फरलो मिली है।

इस तरह 2026 में अब तक उसे कुल 91 दिनों की अस्थायी रिहाई मिल चुकी है, हालांकि अलग-अलग रिहाइयों की कानूनी प्रकृति पैरोल और फरलो रही है।
2017 से जेल में काट रहा 20 साल की सजा
राम रहीम को अगस्त 2017 में पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने दो साध्वियों से बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराया था। बाद में उसे दोनों मामलों में कुल 20 साल की सजा सुनाई गई।

इसी सजा के चलते वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। वर्तमान में भी उसकी जेल में मौजूदगी का मुख्य आधार यही दोषसिद्धि है।
तीन मामलों में हुई थी सजा, दो मामलों में अब बरी
राम रहीम को अलग-अलग मामलों में तीन प्रमुख दोषसिद्धियों का सामना करना पड़ा था। इनमें दो साध्वियों से बलात्कार का मामला और दो हत्या के मामले शामिल थे।
रणजीत सिंह हत्याकांड में हाईकोर्ट से बरी
डेरा सच्चा सौदा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की 2002 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में CBI की विशेष अदालत ने 2021 में राम रहीम और अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम और अन्य आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने जांच में गंभीर खामियों और सबूतों से जुड़ी कमियों का उल्लेख किया था।
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी बरी
सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की 2002 में हत्या हुई थी। इस मामले में CBI की विशेष अदालत ने जनवरी 2019 में राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
7 मार्च 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में राम रहीम की दोषसिद्धि रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए मामला स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नवंबर 2026 में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
इन दोनों हत्या मामलों में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद राम रहीम जेल से बाहर स्थायी रूप से नहीं आया, क्योंकि दो साध्वियों से बलात्कार के मामलों में मिली 20 साल की सजा अभी प्रभावी है।
पैरोल और फरलो में क्या अंतर है ?
राम रहीम की रिहाई के संदर्भ में पैरोल और फरलो शब्द अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन दोनों एक जैसे नहीं हैं।
पैरोल आम तौर पर किसी विशेष कारण या परिस्थिति के आधार पर दी जाने वाली अस्थायी रिहाई है। इसके लिए संबंधित कानून और नियमों के तहत आवश्यक अनुमति और शर्तें लागू होती हैं।
वहीं फरलो कैदी को निर्धारित नियमों के तहत जेल से कुछ समय के लिए बाहर रहने की सुविधा है। इसके लिए किसी विशेष आपातकालीन कारण की आवश्यकता पैरोल की तरह नहीं होती। फरलो की अवधि आम तौर पर कैदी की सजा में गिनी जाती है, जबकि पैरोल की अवधि के संबंध में अलग नियम लागू होते हैं।
17वीं अस्थायी रिहाई क्यों चर्चा में ?
राम रहीम की बार-बार होने वाली अस्थायी रिहाई लंबे समय से चर्चा और विवाद का विषय रही है। 2017 में सजा होने के बाद से वह पैरोल या फरलो के जरिए 17 बार जेल से बाहर आ चुका है। मौजूदा रिहाई के साथ एक बार फिर उसकी अस्थायी रिहाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, पैरोल या फरलो का निर्णय संबंधित जेल नियमों और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के आधार पर होता है। इसलिए किसी भी रिहाई को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित आदेश और लागू नियमों के आधार पर ही तय होती है।
राम रहीम की जेल से बाहर आने की प्रमुख तारीखें
आपके उपलब्ध टाइमलाइन के अनुसार राम रहीम की प्रमुख अस्थायी रिहाइयों में 24 अक्टूबर 2020, 21 मई 2021, 7 फरवरी 2022, जून 2022, 14 अक्टूबर 2022, 21 जनवरी 2023, 20 जुलाई 2023, 21 नवंबर 2023, 19 जनवरी 2024, 13 अगस्त 2024, 2 अक्टूबर 2024, 28 जनवरी 2025, 9 अप्रैल 2025, 5 अगस्त 2025, 3 जनवरी 2026, 26 मई 2026 और 25 अगस्त 2026 शामिल हैं।

नवीनतम 25 अगस्त 2026 की रिहाई 21 दिन की फरलो है। हालिया रिपोर्टों में इसे 17वीं अस्थायी रिहाई बताया गया है।
अब 21 दिन तक सिरसा डेरे में रहेगा
21 दिन की फरलो के दौरान राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहने की बात सामने आई है। जेल से उसकी रिहाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच काफिला सिरसा के लिए रवाना हुआ।
राम रहीम की यह रिहाई ऐसे समय में हुई है जब उसके खिलाफ पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में हाईकोर्ट से मिली बरी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आगे सुनवाई होनी है।
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