BJP Leader Vijay Pal case : करनाल के भाजपा नेता चौधरी विजय पाल को मिली जान से मारने की धमकी का मामला जांच में फर्जी निकला। विदेशी नंबर से कॉल, 50 लाख की फिरौती और पुलिस सुरक्षा लेने की कथित साजिश का खुलासा। अब जांच में कौन-कौन आएगा घेरे में ?
विदेशी नंबर से कॉल और रिकॉर्डिंग की स्क्रिप्ट पहले से तय थी, सुरक्षा लेने के लिए रची गई थी साजिश
Written by Kajal Panchal • Published on : 12 May 2026
IBN24 News Network : पुलिस सूत्रों के अनुसार, विदेशी नंबर से आई धमकी भरी कॉल और उसकी रिकॉर्डिंग पहले से तय योजना का हिस्सा थी। जांच में सामने आया है कि पुलिस सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट तैयार की गई थी।

मामले में नया मोड़ तब आया जब मनोनीत पार्षद विशेष वर्मा पुलिस के सामने पहुंचे। उन्हें इस मामले में गवाह बनाया गया था। विशेष वर्मा ने अपने बयान में बताया कि घटना वाले दिन वह विजय पाल के साथ बैठे थे। इसी दौरान विजय पाल ने उनसे कहा कि कुछ देर में पाकिस्तान के नंबर से कॉल आएगी और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है।
विशेष वर्मा के मुताबिक थोड़ी देर बाद कॉल आई और सामने वाले व्यक्ति ने धमकी भरी बातें शुरू कर दीं। इससे उन्हें शक हुआ कि पूरी घटना पहले से प्लान की गई है। बाद में उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी।
50 लाख की रंगदारी और हैंड ग्रेनेड से हमला करने की दी गई थी धमकी
इससे पहले भाजपा नेता चौधरी विजय पाल ने पुलिस को शिकायत देकर दावा किया था कि सोमवार रात उन्हें एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को “बरार” बताते हुए 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रकम नहीं देने पर परिवार पर हैंड ग्रेनेड से हमला कर दिया जाएगा। कॉलर ने बातचीत के दौरान पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेद पाल का नाम और घर का पता भी लिया था, जिससे परिवार में दहशत फैल गई थी।
धमकी के बाद पुलिस ने बढ़ाई थी सुरक्षा
मामले को गंभीर मानते हुए करनाल पुलिस ने विजय पाल के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी। घर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस की तकनीकी टीम कॉल की लोकेशन और नंबर की जांच में जुटी हुई थी।

हालांकि जांच आगे बढ़ने पर कई तथ्य संदिग्ध मिले। विशेष वर्मा के बयान के बाद पुलिस का शक गहरा गया और अब मामला कथित साजिश की दिशा में पहुंच गया है।
सुरक्षा बूथ हटने के बाद बढ़ी थी हलचल
सूत्रों के अनुसार 5 मई को एनडीआरआई चौक स्थित विजय पाल के घर के बाहर बने पुलिस सुरक्षा बूथ पर एनएचएआई ने कार्रवाई की थी। यह बूथ एनएचएआई की जमीन पर बना होने के कारण हटाया गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद सुरक्षा को लेकर हलचल बढ़ी और फिर धमकी वाला मामला सामने आया।
मीडिया के सामने सुनाई थी पूरी कहानी
धमकी मिलने के बाद विजय पाल मीडिया के सामने भी आए थे। उन्होंने दावा किया था कि कॉलर ने उन्हें खुली चुनौती दी और कहा कि “पुलिस से पूछ लेना मैं कौन हूं।” विजय पाल ने उस समय कहा था कि कॉलर किसी से नहीं डरता और परिवार की जान को खतरा है।
1984 में भी परिवार पर हुआ था हमला
विजय पाल के परिवार का नाम पहले भी बड़े हमले से जुड़ चुका है। 9 मार्च 1984 को मधुबन के पास उनके पिता और पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेद पाल की गाड़ी पर करीब 80 राउंड फायरिंग हुई थी। उस हमले में वेद पाल बच गए थे, लेकिन उनके ड्राइवर की मौत हो गई थी और गनमैन घायल हुआ था।
चौधरी वेद पाल का लंबा राजनीतिक सफर
Chaudhary Ved Pal ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत यमुनानगर के गांव कैड़रौली से पंच के रूप में की थी। बाद में वे मार्केट कमेटी रादौर के चेयरमैन बने। 1982 में वे घरौंडा सीट से विधायक चुने गए और बाद में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर बने। उन्होंने हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड और ऑल इंडिया मार्केटिंग बोर्ड काउंसिल में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं। जनवरी 2023 में 84 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।
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