Abhijeet Dipke Jaipur Ultimatum : जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह बगरू के रामपुरा कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची CJP की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट तथा पथराव की स्थिति बन गई।

Written by Kajal Panchal • Published on : 21 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : CJP ने आरोप लगाया है कि ग्रामीणों की भीड़ ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। वहीं, ग्रामीणों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि CJP के लोग बड़ी संख्या में सरिए और आरी लेकर गांव में पहुंचे थे। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने किसी को चोट नहीं पहुंचाई।
स्कूल निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, आशुतोष रांका शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बगरू के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। CJP का आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने उनकी टीम को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।

CJP के मुताबिक, हमले में गाड़ियों के शीशे और मोबाइल फोन तोड़े गए। एक महिला समर्थक के साथ मारपीट की गई और आशुतोष रांका की शर्ट फाड़ दी गई। पार्टी का दावा है कि टीम के एक सदस्य का हाथ फ्रैक्चर हुआ है। CJP के अनुसार, आशुतोष रांका समेत पांच कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि सात अन्य लोगों को चोटें आई हैं। घायलों को इलाज के लिए जयपुर के SMS हॉस्पिटल लाया गया।
अभिजीत दीपके ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
घटना के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अगले 48 घंटों में स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह जयपुर आएंगे। अभिजीत दीपके ने कहा कि वह स्कूल के सामने तब तक बैठे रहेंगे, जब तक स्कूल की स्थिति सुधारने का काम शुरू नहीं किया जाता।
वहीं, आशुतोष रांका ने भी हमलावरों की गिरफ्तारी और स्कूल निरीक्षण रोकने का आदेश वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर पूरे राजस्थान में आंदोलन किया जाएगा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
सुबह से ही ग्रामीणों और CJP कार्यकर्ताओं में तनाव
बताया गया है कि घटना से पहले सुबह करीब 8 बजे CJP के कुछ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर CJP कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर कर दिया।
ग्रामीणों ने CJP के विरोध में नारे लगाए और सरकारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके अलावा गांव के मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ते की घेराबंदी की गई और आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी की गई। तनाव को देखते हुए CJP की ओर से वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय सरकारी स्कूल के निरीक्षण का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया।
ग्रामीणों ने लगाए अलग आरोप
ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा ने CJP के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग सरिए और आरी लेकर गांव में पहुंचे थे। जुगल किशोर शर्मा के अनुसार, करीब 200 से 250 लोग वहां आए थे और ग्रामीणों ने किसी को चोट नहीं पहुंचाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CJP के लोगों ने खुद अपनी गाड़ी तोड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप का विरोध करेंगे।
स्कूल की जर्जर इमारत बनी विवाद की वजह
रामपुरा कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल की इमारत काफी जर्जर बताई जा रही है। सुरक्षा कारणों से स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को बच्चों के लिए बंद कर दिया गया है।
स्कूल की छत पर लोहे के एंगल लगाए गए हैं। इसके बाद बच्चों को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में पढ़ाया जा रहा है। यहां बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के पढ़ने की जगह के आसपास पशुओं का चारा रखा हुआ है और दीवारों की ईंटें भी गिर चुकी हैं। इसी जर्जर स्कूल की स्थिति को लेकर CJP की टीम निरीक्षण करने पहुंची थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
ग्रामीणों का दावा- मरम्मत के लिए 12.50 लाख रुपये मंजूर
ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से 12.50 लाख रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। उनका कहना है कि वे अपने स्तर पर स्कूल को ठीक करवाएंगे और किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल में हस्तक्षेप नहीं करने देंगे।
ग्रामीणों ने CJP के स्कूल निरीक्षण का भी विरोध किया और कहा कि स्कूल की समस्या का समाधान गांव और सरकार मिलकर करेंगे।
कांग्रेस और शिक्षा मंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया
घटना को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले ग्रामीण नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ता थे। उन्होंने घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने CJP पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विरोध इसी वजह से हुआ।
फिलहाल जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में स्कूल निरीक्षण को लेकर हुआ विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है। एक तरफ CJP ने 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की है, जबकि दूसरी तरफ ग्रामीणों ने CJP के हस्तक्षेप का विरोध किया है। अब पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई और स्कूल की मरम्मत को लेकर सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।
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