QDENGA Dengue Vaccine : भारत में पहली बार डेंगू से बचाव के लिए वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ताकेदा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की डेंगू वैक्सीन QDENGA (TAK-003) को बाजार में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। यह भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूर होने वाली पहली वैक्सीन है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 21 July 2026
IBN24 News Network : कंपनी के अनुसार, यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष तक की आयु के लोगों को दी जा सकेगी। खास बात यह है कि वैक्सीन लगवाने से पहले यह जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ है या नहीं।
19 क्लीनिकल ट्रायल के बाद मिली मंजूरी
QDENGA को भारत में मंजूरी ताकेदा के वैश्विक क्लीनिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम के आधार पर दी गई है। इसके तहत फेज-I, फेज-II और फेज-III सहित 19 क्लीनिकल ट्रायल किए गए, जिनमें 28,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इन परीक्षणों के आधार पर वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद DCGI ने इसे मंजूरी प्रदान की।
दो डोज में लगेगी वैक्सीन
QDENGA वैक्सीन की कुल दो डोज दी जाती हैं।

- प्रत्येक डोज 0.5 मिलीलीटर की होती है।
- वैक्सीन त्वचा के नीचे (Subcutaneous Injection) दी जाती है।
- पहली और दूसरी डोज के बीच 3 महीने का अंतर रखा जाता है।
भारत में ही होगा उत्पादन
QDENGA मूल रूप से जापान की दवा कंपनी Takeda द्वारा विकसित की गई है। हालांकि, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन भारत में ही किया जाएगा।
इसके लिए टाकेडा ने हैदराबाद स्थित प्रमुख फार्मा कंपनी Biological E के साथ साझेदारी की है। देश में उत्पादन होने से इसकी उपलब्धता तेज होगी और सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
कीमत का ऐलान अभी बाकी
फिलहाल कंपनी ने वैक्सीन की कीमत की घोषणा नहीं की है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में निर्माण होने के कारण इसकी कीमत अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जिससे आम लोगों के लिए इसे लेना आसान हो सकेगा।
चारों प्रकार के डेंगू वायरस से सुरक्षा
ताकेदा के मेडिकल अफेयर्स प्रमुख गोह चू बेंग के अनुसार, भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप सक्रिय हैं।

QDENGA को इस तरह विकसित किया गया है कि यह डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हो।
WHO भी करता है QDENGA की सिफारिश
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही QDENGA को प्री-क्वालिफिकेशन दे चुका है। इसका अर्थ है कि यह वैक्सीन गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती है।

WHO की सिफारिश है कि जिन क्षेत्रों में डेंगू का संक्रमण अधिक है, वहां इस वैक्सीन को बिना प्री-वैक्सीनेशन स्क्रीनिंग के सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।
इसके अलावा WHO की मंजूरी मिलने के बाद UNICEF और PAHO (Pan American Health Organization) जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी इस वैक्सीन की खरीद कर सकती हैं।
भारत पर सबसे ज्यादा डेंगू का बोझ
ताकेदा के अनुसार, दुनिया के कुल डेंगू मामलों का लगभग एक-तिहाई बोझ भारत पर है। वर्तमान में 125 से अधिक देशों में डेंगू संक्रमण के मामले सामने आते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन के कारण डेंगू संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में QDENGA वैक्सीन भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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