ED Raid In Karnal Scam : हरियाणा के करनाल में कथित 155.21 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह ईडी की टीम ने शहर के सेक्टर-13 स्थित कारोबारी अशोक मित्तल के आवास और लक्कड़ मार्केट स्थित उनके कार्यालय पर छापेमारी की। इस दौरान बैंकिंग दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

Written by Kajal Panchal • Published on : 17 June 2026
IBN24 News Network : सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट के अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद रहे। छापेमारी की खबर फैलते ही पूरे शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है मामला
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई है। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में बैंकिंग प्रणाली में हेरफेर कर विदेशी व्यापार से जुड़े लेन-देन में अनियमितताएं की गईं।
इस जांच के दायरे में अशोक मित्तल के अलावा सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हरियाणा, दिल्ली और गोवा में 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
ईडी ने केवल करनाल में ही नहीं बल्कि हरियाणा, दिल्ली और गोवा में कुल 11 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के अनुसार ये सभी ठिकाने महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े कारोबारी नेटवर्क से संबंधित हैं।
जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह की पड़ताल कर रही हैं।
क्या है 155 करोड़ रुपये का कथित घोटाला ?

अशोक मित्तल की भूमिका पर जांच एजेंसियों की नजर
ईडी की कार्रवाई के बाद कारोबारी अशोक मित्तल और उनसे जुड़े कारोबारी नेटवर्क की भूमिका जांच के केंद्र में आ गई है। अधिकारियों ने उनके घर और कार्यालय से वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।
एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित बैंक घोटाले से जुड़े लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही और धन के प्रवाह का नेटवर्क किस तरह संचालित किया गया।
फिर चर्चा में आया 134 करोड़ का GST मामला
मंगलवार की कार्रवाई के बाद अशोक मित्तल का नाम एक बार फिर पुराने 134 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी चोरी मामले को लेकर चर्चाओं में आ गया है। करीब दो वर्ष पहले इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और वे कुछ समय तक जेल में भी रहे थे।
बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी।
पंचकूला से हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार जीएसटी चोरी मामले की जांच के दौरान अशोक मित्तल को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि जीएसटी बकाया की वसूली के लिए उनकी संपत्तियों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था, जिन्हें सौरभ ढींगरा ने करीब 1.89 करोड़ रुपये में खरीदा था।
अब ईडी की नई कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
नोट: मामले में जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि या अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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