Ayodhya Ram Mandir Donation Theft : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच केवल 42 दिनों में ही 70 बार चोरी होने के सबूत मिले हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 26 June 2026
IBN24 News Network : इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
42 दिनों में 70 बार चोरी के मिले सबूत
SIT ने 27 अप्रैल से 5 जून तक की CCTV फुटेज, रिकॉर्ड और चढ़ावा गणना प्रक्रिया की विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि इस अवधि के दौरान कई बार चढ़ावे में गड़बड़ी और चोरी के मामले सामने आए। सूत्रों का दावा है कि 42 दिनों में 70 बार चोरी के सबूत मिले हैं, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी।
CCTV फुटेज और रिकॉर्ड में सामने आईं कई खामियां
जांच के दौरान CCTV फुटेज की गहन पड़ताल में कई अहम तथ्य सामने आए। इसके अलावा भेंट और चढ़ावे की गिनती, नकदी के रख-रखाव और रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

दान चोरी की पुष्टि के बाद हुई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, चोरी के पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इसी के आधार पर FIR दर्ज की गई और मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई केवल जांच में मिले तथ्यों के आधार पर की गई है।
तीन साल की ऑडिट रिपोर्ट में भी मिलीं कमियां
SIT ने वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों की भी जांच की। रिपोर्ट में कई गंभीर कमियों के संकेत मिले।
जांच में सामने आया कि:
- हुंडियों (दान पेटियों) की संख्या और रिकॉर्ड में अंतर था।
- कई स्थानों पर पर्याप्त CCTV कवरेज नहीं था।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल कागजों तक ही सीमित पाए गए।
- रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी मिली।
सोशल मीडिया पर वायरल कई दावे निकले गलत
SIT ने जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल कई दावों की भी पड़ताल की। जांच में पाया गया कि अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों के गायब होने के दावे सही नहीं हैं।

जांच के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
मामले की गंभीरता को देखते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक उनके खिलाफ किसी आपराधिक आरोप की पुष्टि नहीं की है।
किन 8 लोगों पर दर्ज हुई FIR ?
मामले में दर्ज FIR में निम्नलिखित लोगों को नामजद किया गया है:
- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव
- अनुकल्प मिश्र
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडेय
- लवकुश मिश्र
- रमाशंकर मिश्र
- सुभाष श्रीवास्तव
- मनीष यादव
इन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच अभी जारी
SIT का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों, CCTV फुटेज, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में और लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
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