CJP Protest Day 33 : दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन बुधवार को 33वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को लगातार तीसरी रात भी हजारों प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर डटे रहे। इनमें बड़ी संख्या में वे लोग भी शामिल थे, जो 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 22 July 2026
IBN24 News Network : CJP ने बताया कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए उसके सभी समर्थकों को रिहा कर दिया गया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अब संगठन सरकार के पास बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आना होगा।
इसी बीच सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंगलवार को उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
1. RAF जवान पर हमले के मामले में FIR

दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी RAF जवान के साथ मारपीट करते, RAF के वाहन पर पथराव करते और उसमें तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
2. CJP की चेतावनी- “20 जुलाई सिर्फ ट्रेलर था”
जंतर-मंतर पर मौजूद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई को जो कुछ हुआ, वह केवल ट्रेलर था। उन्होंने कहा कि फिलहाल संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आगे चलकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी।
रांका ने कहा कि यदि सरकार नहीं मानी तो लाखों युवा दिल्ली पहुंचेंगे और आंदोलन पहले से अधिक बड़ा होगा।
3. हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारी रिहा

दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
4. पार्टी प्रवक्ता विजेता दाहिया पद से हटाए गए
CJP ने संसद मार्च के दौरान बर्गर खाने गए अपने प्रवक्ता विजेता दाहिया को पद से हटा दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर विजेता दाहिया ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यदि किसी व्यक्ति को भूख लगेगी तो वह खाना तो खाएगा ही। इस बयान के बाद संगठन ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया।
5. विपक्षी नेताओं का समर्थन
जंतर-मंतर पहुंचकर कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलन का समर्थन किया। इनमें प्रमुख रूप से—
- उद्धव ठाकरे
- अखिलेश यादव
- शरद पवार
- सुप्रिया सुले
- अरविंद केजरीवाल
- संजय सिंह
शामिल रहे।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
CJP के आंदोलन और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है।

गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली भेजी जा रही हैं। एक CRPF कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं। इस तरह करीब 2000 अतिरिक्त जवान एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाए जा रहे हैं।
इन जवानों की तैनाती संसद के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और दिल्ली में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए की जाएगी।
इससे पहले भी केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई RAF की लगभग 30 कंपनियां पहले ही तैनात कर चुकी है। ये बल 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं।
CJP का दावा- “आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंदोलन”
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आजादी के बाद भारत का सबसे बड़ा आंदोलन है।

उन्होंने कहा— “20 जुलाई को जो हुआ, वह सिर्फ ट्रेलर था। अगर सरकार नहीं मानी तो लाखों युवा दिल्ली आएंगे। इस बार हम पीछे नहीं हटेंगे और न ही चुप बैठेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई का संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद ही हालात बिगड़े। रांका ने कहा कि पिछले 31 दिनों से युवा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।
FIR वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा
CJP ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज हुई सभी FIR तथा भविष्य में दर्ज होने वाली FIR वापस ली जाएं। आशुतोष रांका ने कहा— “हम FIR से डरने वाले नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो UAPA और NSA जैसे कानूनों के तहत भी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने देश के सभी राजनीतिक दलों से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील भी की।
RAF जवान पर हमले के आरोपों की जांच

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद मार्च के दौरान RAF के जवान पर कथित हमले के मामले में जांच जारी है। पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी जवान के साथ मारपीट, RAF वाहन पर पथराव तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस संबंधित वीडियो और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
CJP का आरोप- सरकार ने 4 घंटे बैठाकर रखा
मंगलवार रात CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि 20 जुलाई को जब सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया तो उन्हें और सौरव दास को लगभग चार घंटे तक बैठाकर रखा गया।
रांका के अनुसार—
- करीब दो घंटे तक मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करने दिया गया।
- बाहर जाने की भी अनुमति नहीं थी।
- उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो उन्हें “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया हो।
सरकार से पहली आधिकारिक बातचीत में रखी गईं तीन प्रमुख मांगें
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पहली बार केंद्र सरकार और CJP के बीच औपचारिक बातचीत हुई। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किया जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
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