Vaishno Devi Silver Offerings Row : अगर आप किसी मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते हैं, तो यकीन होता है कि आपकी श्रद्धा सुरक्षित रहेगी। लेकिन अगर उसी चढ़ावे पर सवाल उठ जाएं, तो मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का भी बन जाता है। कुछ ऐसा ही मामला जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी श्राइन से सामने आया है, जहां 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित नकली चांदी के चढ़ावे को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 14 July 2026
IBN24 News Network : जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को 29 जुलाई को सभी जरूरी रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
कैसे शुरू हुआ मामला ?
यह मामला अधिवक्ता दीपक शर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाई गई चांदी में मिलावट की गई, उसे बदला गया या उसके गबन की आशंका है। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, रिकॉर्ड में हेरफेर और कैडमियम युक्त सामग्री के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के मुताबिक, क्राइम ब्रांच से FIR दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। लेकिन समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने क्यों दिखाई सख्ती ?
क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि शिकायत को पहले श्रीनगर स्थित मुख्यालय भेजा गया था और बाद में आगे की कार्रवाई के लिए जम्मू भेज दिया गया। लेकिन शिकायतकर्ता ने दलील दी कि सिर्फ शिकायत को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेज देना कानून के तहत पर्याप्त कार्रवाई नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि क्राइम ब्रांच, इकोनॉमिक ऑफेंस विंग खुद एक अधिसूचित पुलिस स्टेशन है और उसे शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी।
किन रिकॉर्ड की होगी जांच ?
अदालत के सामने यह भी मुद्दा उठाया गया कि जांच एजेंसी ने अब तक कई अहम सबूतों को सुरक्षित रखने की जानकारी नहीं दी है। इनमें शामिल हैं—

- इन्वेंट्री और स्टॉक रजिस्टर
- CCTV फुटेज
- डिस्पैच और ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड
- एसे (शुद्धता जांच) रिपोर्ट
- मिंट से जुड़ा पत्राचार
- इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड
- चढ़ावे की स्टोरेज, जांच और पिघलाने से जुड़े दस्तावेज
इन्हीं कारणों से अदालत ने जांच अधिकारी को सभी रिकॉर्ड के साथ 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
क्या है 500 करोड़ की चांदी का विवाद ?
रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी, जिसकी कीमत लगभग 550 करोड़ रुपये बताई गई, जांच और प्रोसेसिंग के लिए भेजी गई थी। दावा है कि जांच में सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत चांदी ही शुद्ध निकली, जबकि बाकी में कैडमियम, लोहा और अन्य धातुएं मिलीं।
इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या श्रद्धालुओं ने नकली चांदी चढ़ाई थी या फिर असली चांदी को किसी चरण में बदल दिया गया। यही पूरा मामला अब अदालत की निगरानी में है।
अब आगे क्या ?
मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। उस दिन क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी अदालत में रिकॉर्ड पेश करेंगे। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी और क्या विस्तृत जांच या FIR दर्ज करने के निर्देश दिए जाएंगे।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib





