116 विधायकों के समर्थन के बावजूद अटका सरकार गठन, देर रात तक नहीं पहुंचे जरूरी पत्र, अब VCK और IUML के अगले कदम पर टिकी तमिलनाडु की सबसे बड़ी सियासी बाजी

Vijay Government Majority Crisis : तमिलनाडु की राजनीति इस समय किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं दिख रही। फर्क सिर्फ इतना है कि इस कहानी का हीरो सच में फिल्मों से राजनीति में आया है—और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी से बस दो कदम दूर खड़ा है। लेकिन सवाल ये है कि जब लगभग पूरा मंच तैयार था, समर्थक जश्न मनाने लगे थे और चेन्नई में शपथ ग्रहण की चर्चा तेज हो चुकी थी, तब आखिर ऐसा क्या हुआ कि पूरी कहानी अचानक रुक गई?IBN24 News Network
Written by Kajal Panchal • Published on : 6 May 2026
तमिलनाडु में इस वक्त हर राजनीतिक चर्चा सिर्फ एक नाम के आसपास घूम रही है-Vijay। चुनाव में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाली उनकी पार्टी TVK सत्ता के दरवाजे तक पहुंच चुकी है, लेकिन दरवाजा अब भी पूरी तरह खुला नहीं है। शुक्रवार शाम विजय जब राज्यपाल से मिलने पहुंचे, तब माहौल लगभग तय माना जा रहा था। TVK कार्यकर्ताओं को भरोसा था कि अगली सुबह उनका नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। सोशल मीडिया पर CM Vijay ट्रेंड करने लगा था। चेन्नई के राजनीतिक गलियारों में हलचल इतनी थी कि कई जगह संभावित कैबिनेट चेहरों तक की चर्चा शुरू हो चुकी थी। लेकिन देर रात तक जो नहीं आया, उसने पूरा खेल रोक दिया-समर्थन का औपचारिक पत्र।
विजय ने TVK, कांग्रेस, CPI और CPI(M) के कुल 116 विधायकों का समर्थन राज्यपाल को सौंपा। मगर बहुमत का आंकड़ा 118 है। यानी सत्ता की कुर्सी और विजय के बीच सिर्फ दो विधायक खड़े हैं।

अब पूरा तमिलनाडु दो छोटे दलों-VCK और IUML-की तरफ देख रहा है। दोनों के पास 2-2 विधायक हैं। राजनीतिक गणित कहता है कि अगर इनमें से कोई एक भी पूरी तरह साथ आ जाए, तो विजय मुख्यमंत्री बन सकते हैं। सबसे ज्यादा हैरानी VCK के रुख ने पैदा की। पार्टी प्रमुख Thol. Thirumavalavan ने सुबह खुले मंच से कहा कि उनकी पार्टी TVK का समर्थन करेगी। इस बयान के बाद माना जाने लगा कि मामला खत्म हो चुका है और सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।
लेकिन जैसे-जैसे रात बढ़ी, राजनीतिक माहौल बदलता गया। राज्यपाल कार्यालय तक समर्थन का आधिकारिक पत्र नहीं पहुंचा। यही वह पल था, जहां तमिलनाडु की राजनीति में सस्पेंस ने एंट्री मारी। सवाल उठने लगे—क्या आखिरी वक्त में कोई नई डील चल रही है? क्या समर्थन के बदले बड़ी शर्तें रखी गई हैं? या फिर कोई ऐसा राजनीतिक दबाव है, जो खुलकर सामने नहीं आ रहा ?
क्या पर्दे के पीछे बन रहा है नया समीकरण ?

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह सिर्फ समर्थन पत्र की देरी नहीं है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि इस वक्त चेन्नई में “साइलेंट नेगोशिएशन” चल रही है। यानी बाहर से सब शांत दिख रहा है, लेकिन अंदर सत्ता को लेकर तेजी से बातचीत हो रही है।
माना जा रहा है कि सहयोगी दल सरकार में अपनी हिस्सेदारी और मंत्रालयों को लेकर अंतिम समय तक रणनीति बना रहे हैं। कुछ सूत्रों का दावा है कि विपक्ष भी लगातार सक्रिय है और नहीं चाहता कि विजय इतनी आसानी से सत्ता तक पहुंच जाएं। यही कारण है कि जिस सरकार को शुक्रवार शाम तक लगभग तय माना जा रहा था, वह रात होते-होते फिर अनिश्चितता में चली गई।
राज्यपाल ने साफ कर दिया रुख
सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने साफ कहा है कि जब तक 118 विधायकों का स्पष्ट समर्थन नहीं दिखाया जाता, तब तक सरकार गठन का निमंत्रण नहीं दिया जा सकता। यही वजह है कि विजय लगातार तीसरी बार दावा पेश करने के बावजूद शपथ तक नहीं पहुंच पाए। अब राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अगर अगले कुछ घंटों में बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ, तो राज्य की राजनीति में कोई नया गठबंधन या अप्रत्याशित मोड़ भी सामने आ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची सियासत
सरकार गठन में हो रही देरी अब अदालत तक पहुंच चुकी है। TVK ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए मांग की है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का मौका दिया जाए। पार्टी का तर्क है कि जनता ने सबसे ज्यादा सीटें TVK को दी हैं, इसलिए संवैधानिक परंपरा के अनुसार पहला अधिकार उसी का बनता है। हालांकि विपक्ष इस दलील से सहमत नहीं है और कह रहा है कि “संख्या” ही अंतिम सच्चाई होती है।
अब तमिलनाडु किस मोड़ पर खड़ा है ?
4 मई को जब चुनाव परिणाम आए थे, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि पहली बार चुनाव लड़ने वाली TVK इतनी बड़ी ताकत बन जाएगी। 108 सीटों के साथ पार्टी सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से थोड़ी दूर रह गई।
अब पूरा तमिलनाडु अगले कुछ घंटों पर टिका है। क्या VCK आखिरी वक्त में समर्थन पत्र दे देगी?
क्या IUML कोई बड़ा फैसला लेने वाली है?
क्या विपक्ष कोई नया राजनीतिक दांव खेलने जा रहा है?
या फिर विजय की यह “अधूरी जीत” तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा ट्विस्ट बन जाएगी?
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