Petrol Diesel Rate Hike : दो हफ्तों में चौथी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 हुआ महंगा, जानिए 14 दिनों में कितना महंगा हुआ ईंधन ?

Petrol Diesel Rate Hike

Petrol Diesel Rate Hike : देश में महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।

Petrol Diesel Rate Hike

Written by Kajal Panchal • Published on : 25 May 2026

IBN24 News Network : तेल कंपनियों द्वारा किए गए इस ताजा संशोधन के बाद देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं। बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और छोटे व्यवसायी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में बढ़े दाम

नई कीमतों के लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर हो गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

शहरपेट्रोल कीमतडीजल कीमत
दिल्ली₹102.12 प्रति लीटर₹95.20 प्रति लीटर
मुंबई₹111.21 प्रति लीटर₹97.83 प्रति लीटर
कोलकाता₹113.51 प्रति लीटर₹99.82 प्रति लीटर
चेन्नई₹107.77 प्रति लीटर₹99.55 प्रति लीटर

कोलकाता में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक दर्ज की गई है, जहां यह ₹113 प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है।

हरियाणा में पेट्रोल और डीजल के दाम

शहरपुराने दाम (रुपए/लीटर)नए दाम (रुपए/लीटर)
पंचकूला101.03103.63
सिरसा101.73104.43
पानीपत99.60102.20
रोहतक100.40103
फतेहाबाद101.13103.73
सोनीपत101.09103.70
हिसार100.94103.54
कैथल100.18102.78
कुरुक्षेत्र100.17102.78
Petrol Diesel Rate Hike

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या रुकावट सीधे तौर पर वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करती है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जैसे ही युद्ध या संघर्ष की स्थिति बनती है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जाने लगती हैं। इसका असर भारत जैसे उन देशों पर ज्यादा पड़ता है जो अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करते हैं।

ONGC ने क्या कहा ?

ONGC की निदेशक (एक्सप्लोरेशन) सुषमा रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इस समय बेहद अस्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि जब भी शांति समझौते या बातचीत की संभावना बनती है, तेल की कीमतों में गिरावट आती है। लेकिन जैसे ही तनाव बढ़ता है, बाजार फिर से ऊपर चला जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लंबे समय तक जनता को राहत देने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की थी। लेकिन तेल विपणन कंपनियों को लगातार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

उनके मुताबिक तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था। ऐसे में लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखना संभव नहीं था। सरकार और तेल कंपनियों का मानना है कि बढ़ती आयात लागत और वैश्विक बाजार की अस्थिरता को देखते हुए कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।

आम आदमी पर क्या होगा असर ?

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों का मासिक खर्च बढ़ जाएगा, वहीं टैक्सी, ऑटो और ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसका असर कई अन्य क्षेत्रों पर भी दिखाई देगा।

Petrol Diesel Rate Hike

क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम ?

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

हालांकि, रविवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट जरूर दर्ज की गई। खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई।

वैश्विक बाजार का हाल

  • ब्रेंट क्रूड: लगभग 98 डॉलर प्रति बैरल
  • WTI क्रूड: लगभग 91 डॉलर प्रति बैरल

इसके बावजूद बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

2022 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी

गौरतलब है कि अप्रैल 2022 के बाद लंबे समय तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था। मार्च 2024 में लोकसभा चुनावों से पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹2 प्रति लीटर की राहत दी थी।

लेकिन मई 2026 में अचानक कीमतों में तेजी ने लोगों को चौंका दिया है। 16 मई को पहली बार ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद लगातार कई चरणों में दाम बढ़ाए गए।

विशेषज्ञों की चेतावनी

अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो इसका असर देश की महंगाई दर पर भी दिखाई देगा। परिवहन लागत बढ़ने से लगभग हर सेक्टर प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती महंगाई को नियंत्रित करने और तेल कंपनियों के नुकसान के बीच संतुलन बनाने की होगी।

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