Jharkhand Student Protest : झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा कैंपस तक पहुंच गए। यहां छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

Written by Kajal Panchal • Published on : 10 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, दूसरी ओर CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है।
बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा कैंपस पहुंचे छात्र
सुबह करीब 10 बजे हजारों छात्र ओल्ड विधानसभा के पास जुटे। इसके बाद छात्र विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग कर रखी थी।

छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाई और आगे बढ़ते हुए विधानसभा कैंपस में प्रवेश कर गए। कैंपस में पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस और छात्रों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। पुलिस की ओर से दो से तीन बार लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई है। इस दौरान कुछ छात्रों के सिर पर चोटें आईं।
वाटर कैनन के बाद छात्रों ने बैरिकेडिंग पर किया डांस
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर डांस करते नजर आए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने राष्ट्रगान भी गाया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पानी की बोतलें और चप्पलें फेंके जाने की बात सामने आई है।
6 लेयर की सुरक्षा के बावजूद विधानसभा पहुंचे छात्र

विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इलाके में 6 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कंटीले तारों से बैरिकेडिंग के अलावा CCTV कैमरों के जरिए प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी जा रही थी।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र सुरक्षा घेरा तोड़कर विधानसभा कैंपस तक पहुंच गए।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते गिरफ्तार
छात्र आंदोलन के बीच CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया है। 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में हुई रेड के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफे के बाद से ही CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। अब जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
17 दिन से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांगों में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई शामिल है।
आंदोलन के दौरान देवेंद्रनाथ महतो समेत 6 छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। ये छात्र एंबुलेंस के जरिए विधानसभा घेराव में शामिल होने पहुंचे।
सरकार ने किन मांगों पर सहमति जताई ?
छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और कुछ अन्य परीक्षाओं से जुड़ी मांगों पर सरकार की ओर से सहमति बनी है।
हालांकि, CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर अभी विवाद बना हुआ है।
छात्रों की मांग और सरकार का पक्ष
| छात्रों की मांग | सरकार का पक्ष | स्थिति |
|---|---|---|
| 14वीं JPSC परीक्षा रद्द हो | PT रद्द | पूरी |
| CBI जांच हो | CID/ED जांच को तैयार | पेंडिंग |
| CGL परीक्षा रद्द हो | रिटायर्ड जज से जांच को तैयार | पेंडिंग |
| TDPL एजेंसी से हुई परीक्षाएं रद्द हों | कैंसिल | पूरी |
| परीक्षा घोटाले की 90 दिनों में जांच हो | CID जांच करेगी | पूरी |
| JPSC की वैकेंसी परीक्षा 2023 और 2025 रद्द हो | परीक्षा कैंसिल | पूरी |
अब आगे क्या होगा ?
विधानसभा कैंपस तक छात्रों के पहुंचने और पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन की स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं, वहीं सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति जताने की बात कही गई है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर क्या सरकार और छात्रों के बीच सहमति बन पाएगी?
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