Jantar Mantar Protest : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच आमना-सामना होने के बाद भीड़ ने बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन के कारण संसद मार्च निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका।

Written by Kajal Panchal • Published on : 20 July 2026
IBN24 News Network : प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जंतर-मंतर पर 10 हजार से अधिक लोग मौजूद हैं। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही प्रशासन की ओर से इसकी अनुमति दी गई थी।
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके बोले- “हमें कोई नहीं रोक सकता”
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लेकर संसद तक मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की रोक के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा और “हमें कोई नहीं रोक सकता।”
23 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने रखीं तीन शर्तें
जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं।

- सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
- CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति मिले और सांसद उनकी मांगों पर चर्चा का आश्वासन दें।
- यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव न हो तो सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर लिखित या सार्वजनिक आश्वासन दें।
CJP का दावा- सरकार बातचीत की कोशिश कर रही
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत शुरू करने का प्रयास किया गया है। उनके अनुसार प्रशासन काफी देर बाद बातचीत के लिए पहुंचा, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट प्रस्ताव सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अब आगे का फैसला सरकार के हाथ में है।
भारी सुरक्षा व्यवस्था, RAF और दिल्ली पुलिस तैनात
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग की है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और RAF के जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कई मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद

संसद मार्च और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एहतियातन कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। इनमें जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा भवन मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
क्या बिना अनुमति संसद मार्च निकाला जा सकता है ?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। हालांकि किसी भी सार्वजनिक रैली, जुलूस या संसद मार्च के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक होता है। प्रशासन कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात को ध्यान में रखते हुए अनुमति देता है और आवश्यक शर्तें तय करता है।

यदि बिना अनुमति मार्च निकालने का प्रयास किया जाता है, तो पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसे रोक सकती है और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।
किन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई ?
यदि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, तो परिस्थितियों के अनुसार निम्न प्रावधान लागू किए जा सकते हैं:
- धारा 223 (BNS): सरकारी अधिकारी के वैध आदेश की अवहेलना।
- धारा 189 (BNS): पांच या अधिक लोगों का गैरकानूनी उद्देश्य से एकत्र होना।
- धारा 190 (BNS): गैरकानूनी जमावड़े के सदस्य द्वारा किए गए अपराध की सामूहिक जिम्मेदारी।
- धारा 191 (BNS): हिंसा या बल प्रयोग की स्थिति में दंगा संबंधी प्रावधान।
- धारा 221 (BNS): सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा पहुंचाना।
- PDPP Act: सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ या आगजनी के मामलों में कार्रवाई।
फिलहाल स्थिति पर नजर
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील कर रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर संसद मार्च पर अड़े हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
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